
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों का सिलसिला लगातार जारी रहा। इस दौरान कई कुख्यात अपराधी पुलिस के हाथों मारे गए। गोरखपुर समेत कई जिलों में कुल 19 अपराधी मारे गए।
घायल अपराधी
लगभग की संख्या कुल 623 है ,सबसे अधिक मुठभेड़: जनवरी, जून और दिसंबर में हुई है सबसे अधिक इनामी अपराधी: 1 लाख रुपये का इनामी है।
महत्वपूर्ण मुठभेड़ें
4 जनवरी: विनोद कुमार उपाध्याय (1 लाख का इनामी) सुल्तानपुर में ढेर हुआ। वही
6 जून: नीलेश राय (ढाई लाख का इनामी) मुजफ्फरनगर में ढेर हुआ
5 सितंबर: मंगेश यादव (1 लाख का इनामी) सुल्तानपुर में ढेर हुआ।
23 सितंबर: अनुज प्रताप सिंह और मोहम्मद जाहिद (दोनों 1 लाख का इनामी) क्रमशः उन्नाव और गाजीपुर में ढेर किया गया।
23 दिसंबर: जशन प्रीत सिंह, वीरेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, सोबिन्द कुमार और सन्नी दयाल विभिन्न जिलों में ढेर किए गए।
पुलिस की सक्रियता में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कई बड़े गिरोहों का सफाया किया है।
अपराधियों में दहशत
इन मुठभेड़ों से अपराधियों में दहशत पैदा हुई और अपराध में कमी आई है ,हालांकि, इन मुठभेड़ों पर कई सवाल भी उठते हैं जैसे कि इनकी निष्पक्षता, मानवाधिकारों का उल्लंघन और फर्जी मुठभेड़ों की संभावना,पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए मानवाधिकारों का भी ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, इन मुठभेड़ों की जांच निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
Published : 24 December 2024, 10:02 PM IST