विकास दुबे मुठभेड़: सुप्रीम कोर्ट ने जांच आयोग के पुनर्गठन की मांग को किया खारिज

डीएन ब्यूरो

कानपुर के विकरु कांड के मास्टर माइंड और कुख्यात गैंगस्टर गैंगस्टर विकास दुबे की मुठभेड़ की जांच को लेकर दूसरा आयोग गठन करने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पढिये, डाइनामाइट न्यूज की पूरी खबर..

सुप्रीम कोर्ट
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कानपुर के बिकरु कांड के मास्टर माइंड विकास दुबे की मुठभेड़ की जांच के लिए गठित आयोग के पुनर्गठन की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विकास दुबे की जांच के लिये यूपी सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष जज जस्टिस बीएस चौहान को लेकर सवाल उठाये गये थे और इसके लिये दूसरा आयोग गठित करने की मांग की गयी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए विकास दुबे एनकाउंटर की जांच के लिये आयोग के पुनर्गठन की मांग को नामंजूर कर दिया है। इसी के साथ शीर्ष अदालत में इस मांग को लेकर दायर याचिका को भी खारिज कर दिया है। 

याचिका में कहा गया था कि विकास दुबे मुठभेड़ की जांच आयोग के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बीएस चौहान के कई रिश्तेदार भाजपा में हैं और उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है, ऐसे में जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो सकती। इसलिये जांच आयोग के पुनर्ठन की मांग को लेकर याचिका दायर की है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएस चौहान की अध्यक्षता मे तीन सदस्यीय जांच आयोग कानपुर विकास दुबे मुठभेड़ कांड की जांच कर रहा है। 

 

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इस एनकाउंटर की जांच के लिये गठित आयोग में पूर्व जस्टिस बीएस चौहान के अलावा, हाई कोर्ट के पूर्व जज शशिकांत अग्रवाल और यूपी के पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता शामिल हैं। 
 








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