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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने विभागीय कामकाज में इस्तेमाल हाेने वाली स्टेशनरी सामग्री के अनुशासित इस्तेमाल को बढ़ावा देने तथा इसके कचरे को कम करके राजस्व की बचत करते हुए पर्यावरण संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये है। इसका मकसद स्वच्छ भारत मिशन के मूलमंत्र ‘रिड्यूज, रीयूज, एंड रीसाइकिल’ का अनुपालन करना है।
मिश्र ने शुक्रवार को सरकार के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा है कि उनके समक्ष प्रस्तुत की जाने वाली पत्रावलियों, प्रस्तुतीकरण, कार्यवृत्त, आलेख्य आदि में प्रायः मात्र एक साइड में ही प्रिंट किया जा रहा है, जिससे स्टेशनरी का न केवल अनावश्यक दुरुपयोग होता है, बल्कि इससे पेड़ों के कटने से पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है एवं कूड़े की मात्रा बढ़ती है।
उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से अधीनस्थ समस्त विभागाध्यक्षों एवं कार्यालय प्रमुखों से अपेक्षा व्यक्त की है कि पत्रावली या पत्राचार करते समय आवश्यकतानुसार कागज के दोनों तरफ प्रिटिंग कर उपयोग किया जाए। बैठक से पूर्व एजेंडा की सॉफ्ट कॉपी सभी संबंधितो को भेज दी जाये। अलग से हार्ड कापी दिये जाने की आवश्यकता नहीं है। (वार्ता)
Published : 5 August 2022, 7:13 PM IST
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