जानें क्या है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की खासियत

डीएन ब्यूरो

देश की एकता के महानायक सरदार पटेल की मूर्ति का आज पीएम मोदी ने उद्घाटन किया। डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की क्या है खासियत...

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

नई दिल्ली: देश के पहले गृहमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” बनकर तैयार हो गई है। आज पीएम मोदी इस प्रतिमा का अनावरण किया। डाइनामाइट न्यूज़ की इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं  स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की क्या है खासियत...

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का किया अनावरण

1. 182 मीटर ऊंची 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। 

2. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने में 5,700 मीट्रिक टन यानी करीब 57 लाख किलोग्राम स्ट्रक्चरल स्टील का इस्तेमाल हुआ। साथ ही 18,500 मीट्रिक टन छड़ का इस्तेमाल किया गया है। 18 हजार 500 टन स्टील नींव में और 6,500 टन स्टील मूर्ति के ढांचे में लगी।

3. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को ऐसे डिजाइन किया गया है कि भूकंप का झटका या 60 मीटर/सेकेंड जितनी हवा की रफ्तार भी इस प्रतिमा को नुकसान नहीं पहुंचा सकती

4. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने मे चार धातुओं का प्रयोग किया गया है। जिसमें तांबे के साथ-साथ जिंक, लेड और टीन शामिल है

5. स्टैचू ऑफ यूनिटी पर अभी तक कुल 2300 करोड़ रुपये की लागत आ चुकी है। हालांकि, लागत बढ़कर 3000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

6.'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के पास दर्शकों के लिए 153 मीटर लंबी गैलरी बनाई गई है, जिसमें एक साथ 200 विजिटर आ सकते हैं

7. सरदार पटेल की यह मूर्ति राम वी. सुतार की निगरानी में हुई है। राम वी. सुतार को साल 2016 में सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था। इससे पहले वर्ष 1999 में उन्हें पद्मश्री भी प्रदान किया जा चुका है।

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