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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित 63 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी श्रवण साहू हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। लखनऊ के व्यापारी साहू की हत्या 1 फरवरी को कर दी गयी थी। जिसके बाद से वहां काफी हंगामा मचा और धरना-प्रदर्शन हुए।
साहू की ताबड़तोड़ गोली मारकर सनसनीखेज हत्या लखनऊ के सआदतगंज इलाके में एक फरवरी को की गयी थी। मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने श्रवण की दुकान के अंदर घुसकर गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।

दस दिन पहले लखनऊ पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश किया था।
इस मामले में अकील अंसारी का नाम सामने आया। जिसे लखनऊ पुलिस ने काफी हंगामा मचने के बाद गिरफ्तार किया।
श्रवण साहू अपने बेटे आयुष की हत्या के मामले की पैरवी कर रहे थे। इस मामले में लखनऊ की पारा पुलिस को जांच में दोषी पाया गया था। आयुष की हत्या मामले में पारा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुखबिर अकील के साथ मिलकर श्रवण समेत चार अन्य बेगुनाह लोगों पर फर्जी केस दर्ज किया था।
एसएसपी लखनऊ मंजिल सैनी ने मामले की जांच के बाद एक दरोगा व दो सिपाहियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इसके अलावा आठ अन्य दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई।
पुलिस ने इस मामले में दो शातिर शूटर सत्यम पटेल और अमन सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
अब सीबीआई जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।
Published : 20 February 2017, 7:01 PM IST
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