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कानपुर: शुक्रवार को यतीमखाना में हजारो की संख्या में नमाज़ियों ने अलविदा की नमाज़ अदा की। नमाज़ में बच्चे और पुरुष शामिल हुए। अलविदा की नमाज़ को लेकर जिला प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। इस दौरान यातायात की व्यवस्था चुस्त रखी गयी। नमाज़ वाली जगह के आसपास कड़ी सुरक्षा के बीच बेरिकेटिंग कर दी गयी जिससे किसी भी वाहन को अंदर नहीं जाने दिया गया केवल नमाज़ पढ़ने वालो को ही अंदर जाने दिया गया।

क्या कहना है इमाम का
इस मौके पर मस्जिद के पेश इमाम ने बताया की आज बड़े दुःख का दिन है कि आज हमसे रमजान विदा हो रहा है। यह आखरी शुक्रवार है इसीलिए इसको अलविदा की नमाज कहा जाता है। रमजान एक महीने की ट्रेनिंग है। जिसमे बुराइयों से बचने और भलाइयों में चलने की ताकीद की जाती है। रमजान अल्लाह का महीना है इसीलिए इसको रहमतो और इसे बरकतो का महीना भी कहा जाता है। इसमें अल्लाह एक की सत्तर नेकी देता है अब हम उससे महरूम हो जायेंगे क्योकि दो दिनों बाद ईद आएगी और यह महीना ख़त्म हो जाएगा।
Published : 23 June 2017, 4:16 PM IST
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