कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रचारक ने कई मुद्दों पर रखी अपनी राय

यूपी के कानपुर में आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने सिरकत कर कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।

Updated : 30 June 2017, 3:28 PM IST
google-preferred

कानपुर: यूपी के कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने शिरकत की। इस दौरान कार्यक्रम में शामिल सभी हिन्दू मुस्लिम के लोगों को ईद की मुबारकबाद भी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि लेदर इंडस्ट्री को बचाने के लिए सभी प्रयास होंगे।

यह भी पढ़े: कानपुर: चेकिंग अभियान के दौरान 7 लाख की सिल्वर ज्वेलरी के साथ युवक गिरफ्तार

संघ प्रचारक इंद्रेश कुमार कार्यक्रम में शिरकत के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश में गरीबों की मदद के लिए हमेशा आगे आये जिससे वे अपने आप को गरीब न समझें। कुछ ऐसा करें कि वे अपने आप को असहाय न समझें। वही तीन तलाक और हलाला के मामले में कहा कि इनका धर्म से किसी प्रकार का लेना देना नही है। पूरी तरह से सामाजिक अत्याचार किया जा रहा है। ऐसे स्थिति में  इस्लाम धर्म को बचाने की सोचना चाहिए इस्लाम धर्म को बदसूरत से खूबसूरत बनाएं वही मुसलमान को दागदार से बेदाग बनाए। वहीं ऐसी पीड़ित महिलाओं के लिए हमेशा आगे खड़ा रहना चाहिए जिससे महिलाओं को सही ढंग से जीने का रास्ता मिल सके। 

वही उन्होंने कहा कि गाय हमारी माँ जैसी ही हैं। हर बच्चे के लिए मां का दूध जरूरी है। दुनिया के 90 प्रतिशत लोग गाय के दूध पर जिंदा है। मक्का शरीफ और दुनिया मे जितने भी तीर्थ स्थल है उनमें कही गाय की कुर्बानी नही दी जाती । गाय का गोश्त खरीदना और खाना पाप है फिर भी कुछ लोग इसे खाते है भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।

यह भी पढ़े: कानपुर: अनहोनी की खबर सुनकर निकले जीजा-साले खुद हुए मौत के शिकार

संघ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने बाबर को लेकर खोला बड़ा राज

साथ ही संघ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने बताया कि बाबर एक विदेशी था जो आक्रांता बनकर आया था। वो अपने नापाक इरादों के साथ भारत की जमीन पर कब्जा करना चाहता था। अयोध्या मन्दिर को भी तुड़वाने के लिए वो ही जिम्मेदार था और मस्जिद बनाना चाहता था किसी भी पूजा स्थल को तोड़कर दूसरा पूजा स्थल बनाना ये कहाँ का नियम है। उसने इस्लाम के नाम की धज्जियां उड़ाई हैं। उसने कई बार मस्जिद बनाने की कोशिश की लेकिन खुदा ने वहां मस्जिद बनने ही नही दी। अपने नापाक इरादों से दूसरे धर्म को ठेस पहुंचाई है। मस्जिद का नाम उसने अपने नाम पर करवाया जो बहुत बड़ी बेईमानी है।

Published : 
  • 30 June 2017, 3:28 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement
Advertisement