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महराजगंजः शादी-ब्याह के मौके पर इन दिनों डीजे की धुनों पर थिरकते बाराती सड़कों पर नजर आ रहे हैं। लेकिन नियमों को दरकिनार करते हुए भारी और ओवरलोडेड वाहनों का रात 10 बजे के पहले ही नगर में प्रवेश करने का सिलसिला भी लगातार जारी है। समय से पहले भारी वाहनों की शहर में एंट्री से बडी दुर्घटना घटित हो सकती है।
डाइनामाइट न्यूज की टीम ने नगर की सड़कों पर रात नौ से दस बजे तक गुजरने वाली बारातों और भारी वाहनों का जायजा लिया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। सबसे बड़ी बात यह कि पुलिस के सख्त पहरे के दावों के बाद भी ये वाहन समय से पहले ही शहर में एंट्री कर लेते हैं।
अनहोनी के यह बिंदु
सडक के एक तरफ से गुजरती बारात और शादियों की धुनों पर थिरकते बाराती और दूसरी तरफ से आ रहे भारी ओवरलोडिंग वाहनों के कारण दोनों ओर से पीछे से आने वाले वाहन दिखाई नहीं पडते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका और भी बढ जाती है। पैदल राहगीरों का भी रास्ता पार करने का सिलसिला जारी रहता है।
क्या है निर्धारित मानक
भारी वाहनों को रात में दस बजे के बाद ही नगर के रास्ते से प्रवेश कराने का मानक तय किया गया है। सुविधा शुल्क के चक्कर में मानकों को दरकिनार करते हुए समय से पहले नागरिकों की जान जोखिम का भी ख्याल नहीं रखते हुए भारी वाहनों को धडल्ले से प्रवेश कराया जा रहा है।
Published : 24 January 2024, 4:39 PM IST
Topics : ओवलोडिंग वाहन कुंभकर्णी नींद जश्न प्रशासन महराजगंज लगन
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