
नई दिल्ली: ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर देशभर में लोगों को ठगा जा रहा है. इसे रोकने के लिए मोदी सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में गृह मंत्रालय (MHA) में इस मुद्दे पर एक अहम बैठक हुई, जिसमें कई शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाला भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) इस पर रिपोर्ट तैयार करेगा। रिपोर्ट के आधार पर सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, फिलहाल ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के पास है, लेकिन अब सरकार सख्त कानून लाकर सट्टेबाजी, जुआ और लॉटरी पर नियंत्रण करने की योजना बना रही है।
जांच के दायरे में बड़ी कंपनियां
कई बड़ी कंपनियां ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग के नाम पर भारतीयों को ठग रही हैं।
सरकार ने इन पर नजर रखनी शुरू कर दी है।अब इन प्लेटफॉर्म्स का विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
नए कानून की जरूरत क्यों?
आर्थिक नुकसान,डेटा प्राइवेसी की समस्या,लत और आत्महत्या के मामले,मनी लॉन्ड्रिंग,गलत विज्ञापन आदि के कारण नए कानून की जरूरत है।
सरकार का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग का उद्देश्य मनोरंजन होना चाहिए, ठगी नहीं. इसलिए, जल्द ही नए कानून पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
Published : 10 February 2025, 12:47 PM IST
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