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नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में मंगलवार को इमारत का एक हिस्सा ढह गया, जिसमें 30 वर्षीय महिला और उसके नाबालिग बेटे की मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित के परिवार के लिए 20 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विचित्र वीर ने बताया कि महिला की पहचान ममता के रूप में हुई। वह अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ पंजाबी बाग के अरिहंत नगर में इमारत के मलबे में फंस गई थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों को मलबे से निकालकर संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि ममता और उसका परिवार पिछले कुछ वर्षों से इमारत की देखभाल करने के लिए उसमें रह रहा था।
पुलिस ने बताया कि मृतक का पति श्रमिक है और हादसे के वक्त वहां मौजूद नहीं था। दंपत्ति की छह वर्ष की बेटी भी है।
अधिकारियों के अनुसार, दमकल विभाग को दोपहर करीब एक बजे घटना की सूचना मिली जिसके बाद दमकल की दो गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया जहां इमारत का एक छोटा हिस्सा ढह गया था।
पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 288 (इमारतों को गिराने या मरम्मत के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
आतिशी ने कहा, '‘‘पंजाबी बाग में एक जर्जर इमारत की बालकनी गिरने से एक महिला और बच्चे की मौत हो गई। सूचना मिलते ही, मैंने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित के परिवार से मुलाकात की। मृतक के परिवार को अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा 20 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।''
Published : 25 July 2023, 10:02 PM IST
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