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नई दिल्ली: मां दुर्गा के नौ रूपों में से एक है मां कात्यायिनी। नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा-अराधना की जाती है। इनकी पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती है।
देवी कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर में हुआ था, इसलिए इनको कात्यायनी कहा जाता है। इनके चार हाथ हैं, जिनमें अस्त्र-शस्त्र और कमल का पुष्प है। इनका वाहन सिंह है। मां कात्यायनी का यह रूप बेहद सरस, सौम्य और मोहक है। मां कात्यायनी की पूजा से कन्याओं के शीघ्र विवाह की मनोकामना जल्दी पूरी हो जाती है। साथ ही मुश्किल से मुश्किल बाधाएं भी दूर होती है।
इस मंत्र से करें मां कात्यायनी की पूजा
चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दूलवर वाहना
कात्यायनी शुभंदद्या देवी दानव घातिनि
मां कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए 3 से 4 पुष्प लेकर इस मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए, उसके बाद उन्हें पुष्प अर्पित कर दे। इनकी पूजा करते समय भक्त लाल रंग के कपड़े रहने, क्योकि यह रंग शक्ति का प्रतीक होता है और यह मां कात्यायनी का प्रिय रंग भी माना जाता है।
Published : 23 March 2018, 9:21 AM IST
Topics : अराधना छठे दिन नवरात्रि पूजा बाधाएं मां कात्यायनी मां दुर्गा
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