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नई दिल्लीः नाग पंचमी का त्योहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। इस दिन नागों की पूजा प्रधान रूप से की जाती है। भगवान शिव के गले में जो नाग रहता है उसका नाम वासुकि है।
इस बार 25 जुलाई को नागपंचमी पर्व मनाया जाएगा। भक्त कालसर्प दोष को दूर करने के लिए पूजन करेंगे। इस बार पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह सात बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचमी तिथि प्रारंभ - 14:33 (24 जुलाई 2020)
नाग पंचमी पूजा मुहूर्त : 05:38:42 से 08:22:11 तक
अवधि : 2 घंटे 43 मिनट
पंचमी तिथि समाप्ति - 12:01 (25 जुलाई 2020)
पूजा करने का तरीका
पूजा करने के लिए नाग चित्र या मिट्टी की सर्प मूर्ति को लकड़ी की चौकी के ऊपर रखकर फिर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़कर नाग देवता की पूजा की जाती है। उसके बाद कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर अर्पित किया जाता है। फिर आरती उतारी जाती है। यदि सपेरा आए तो उसके नाग की पूजा करने का भी प्रचलन है फिर सपेरे को दक्षिणा देकर विदाया किया जाता है। अंत में नाग पंचमी की कथा सुनी जाती है। सर्प दोष दूर करने के लिए इस दिन पूजा होती है।
Published : 17 July 2020, 3:46 PM IST
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