तीन तलाक देना अब बना अपराध, मोदी सरकार ने दी मुस्लिम महिलाओं को बड़ी राहत, अध्यादेश को मंजूरी

डीएन ब्यूरो

मोदी सरकार ने राज्यसभा में अटके तीन तलाक बिल को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने ट्रिपल तलाक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। अब कानूनन तीन तलाक जुर्म होगा। डाइनामाइट न्यूज़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..


नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने तीन तलाक मामले को लेकर अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। तीन तलाक का यब बिल संसद में लटका पड़ा था। अब बुधवार को केंद्र की कैबिनेट बैठक में इस अध्यादेश को स्वीकृति मिल गई है। अब यह अध्यादेश 6 महीने तक लागू रहेगा। अब सरकार को शीत सत्र में ही इस बिल को संसद में पास कराना होगा। केंद्र ने हालांकि इस बिल को लोकसभा में तो पारित करवा दिया था लेकिन राज्यसभा में आकर यह बिल पास नहीं हो पाया। 

बिल को लेकर कांग्रेस ने संसद में इसके कुछ प्रावधानों में बदलाव की मांग की थी। अगर कोई विधेयक अटक जाता है तो संविधान में इसे पारित करने के लिए अध्यादेश की बात कही गई है। संविधान के अनुच्छेद 123 के अनुसार अगर संसद सत्र नहीं चलने की स्थिति में राष्ट्रपति केंद्र के आग्रह पर कोई भी अध्यादेश को जारी कर सकते हैं। यह अध्यादेश सदन के अगला सत्र सपन्न होने के बाद भी छह सप्ताह तक जारी रह सकता है।     

यह भी पढ़ेंः समलैंगिकता पर सुप्रीम फैसला, दो बालिगों के बीच अप्राकृतिक संबंध अपराध नहीं

फाइल फोटो

केंद्र के इस निर्णय पर शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने इसका स्वागत किया है और उन्होंने इसे मुस्लिम महिलाओं की बढ़ी जीत बताई है। रिजवी का कहना है कि मुस्लिम महिलाओं इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई।    

यह भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 9 में से 5 वकीलों को दिल्ली उच्च न्यायालय में जज बनाने की सिफारिश की

उनका कहना है कि कट्टरपंथी समाज के खिलाफ हिंदू और मुस्लिम समाज समेत तमाम सभी वर्गों के लोग पीड़ित महिलाओं के साथ हैं । अब राज्यसभा में लंबित यह बिल, राष्ट्रपति की मुहर के बाद पास हो जाएगा और संसद से बिल पारित होने से पहले 6 महीने तक अध्यादेश से काम चलेगा। 

मोदी कैबिनेट के फैसले पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि मोदी सरकार इसे मुस्लिमों के लिए न्याय का मुद्दा बनाने की बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
 

(डाइनामाइट न्यूज़ के ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)






संबंधित समाचार