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थानेदारों को फरियादियों के साथ विनम्र व्यवहार करने का आदेश उच्च अफसरों द्वारा समय-समय पर दिया जाता है लेकिन वर्दी के नशे में मगरुर थाने के बड़े साहब ऐसे निर्देशों को अमल में लाना तो दूर रद्दी की टोकरी में फेंकना अपनी शान समझते हैं.. पूरी खबर..
ठुठीबारी (महराजगंज): जनता के साथ अच्छा बर्ताव करने की सीख पुलिस के बड़े अफसर थानेदारों व पुलिस कर्मियों को अक्सर देते रहते हैं, लेकिन निचले स्तर पर पुलिस की मनमानी और अमानवीय व्यवहार से अब भी जनता परेशान हो रही है।

ताजा मामला ठूठीबारी कोतवाली का है। ठूठीबारी थाने के अन्तर्गत ग्राम सभा राजाबारी निवासी लालती देवी पत्नी सत्ते प्रसाद जब अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची तो कोतवाल बृजनंदन सिंह ने महिला के साथ जो बर्ताव किया, उसकी जितनी निंदा की जाये कम है।

जानकारी के मुताबिक महिला अपने घर के पास लगे एक नल में पानी भरने के लिये पाइप लगा रही थी। इसी को लेकर रमेश पुत्र बुटटी (गुड़िया) ने महिला से मारपीट की। लालती देवी जब इस बारे में तहरीर लेकर 1 मई को ठूठीबारी थाने गयी तो थानेदार ने महिला को भगा दिया। उसके बाद महिला ने 3 मई को जनता दर्शन में एसपी महराजगंज से न्याय गुहार लगाई। जिस पर एसपी ने लालती को पावती रसीद क्रमांक 1540 देकर शनिवार को अपने थाना क्षेत्र ठूठीबारी में जाने को कहा।
एसपी के निर्देश के क्रम में 5 मई को जब लालती ठूठीबारी थाने गयी तो थानेदार बृजनंदन सिंह ने महिला से अभद्रता करते हुए कहा कि क्या हम तुम्हारा पाइप लगायेंगे? थानेदार ने आगे कहा कि मारो-काटो और अपना पाइप खुद लगवा लो।
महिला ने जब दोबारा थानेदार से गुहार लगाई तो थानेदार ने साफ कह दिया कि तुम्हारा काम नहीं होगा। भले ही तुम लखनऊ मुख्यमंत्री के पास चली जाओ। महिला रोती हुई थाने से वापस बैरंग लौट आयी और आज तक भी उसे न्याय नहीं मिला।
एसपी के आदेश के बाद भी थानेदार द्वारा पीड़ित महिला के साथ जब ऐसा व्यवहार किया जाये तो आम जनता के साथ थाने में क्या होता होगा इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
Published : 8 May 2018, 8:30 PM IST
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