यूपी में मोहर्रम के जुलूस पर इस बार भी पाबंदी के आदेश, डीजीपी ने सभी जिलों के लिये जारी की ये गाइडलाइन

कोराना संक्रमण के खतरों के साथ ही कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंकाओं के चलते उत्तर प्रदेश में इस बार भी मोहर्रम के ताजिया जुलूस को प्रतिबंधित कर दिया गया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज की पूरी रिपोर्ट

Updated : 2 August 2021, 1:05 PM IST
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लखनऊ: कोरोना महामारी के खतरे के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में इस बार भी 10 अगस्त से शुरू हो रहे मोहर्रम को लेकर यूपी डीजीपी मुकुल गोयल ने विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइंस के मुताबिक राज्य में मोहर्रम के ताजिये जुलूस पर इस बार भी पाबंदी रहेगी। यूपी के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों, जिलाधिकारियों और पुलिस कमिश्नरों को इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। 

डीजीपी द्वारा जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के खतरों को लेकर गृह मंत्रालय, भारत सरकार और न्यायालय के आदेशों को देखते हुए इस बार किसी प्रकार के जुलूस ताजिया की अनुमति न दी जाए। इस संबंध में सभी धर्म गुरूओं से संवाद स्थापित कर कोविड के दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में सभी जिलों के पुलिस कप्तानों, पुलिस कमिश्नरों को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि मोहर्रम के दौरान छोटी से छोटी घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एक्शन लिया जाए। पहले जहां किसी प्रकार का विवाद सामने आया हो वहां पुलिस और राजस्व विभाग के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा अभी से स्थिति का अध्ययन कर लिया जाय एवं विवाद को सुलझाने तथा संवेदनशीलता को दूर करने के लिये कार्रवाई की जाए। 

जारी की गई गाइडलाइन और कोरोना नियमों का पालन कराने के हर जगह पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को तैनात करने का भी आदेश दिया गया है। किसी भी हाल में यातायात न प्रभावित हो, इसके लिये बैरियर और चेक पोस्ट लगाकर चेकिंग कराने, मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का पालन सख्ती से कराने, जन सुविधायें जैसे बिजली, पेयजल एवं साफ.सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गये हैं।

पुलिस अधिकारियों को यह भी र्देश दिए गए हैं कि वह त्योहार से पहले थाने स्तर से मोहल्लों और गांवों में शांति समिति की बैठकें करा लें। स्थनीय धर्म गुरूओं से संवाद स्थापित कर कोविड-19 के दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

इसके अलावा अवांछनीय तँत्वों पर नजर रखने, मोबाइल पेट्रोलिंग और फूट पेट्रोलिंग कराने, खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का अध्ययन करने, पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध कराने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं।

Published : 
  • 2 August 2021, 1:05 PM IST

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