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सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी बंगलों को खाली करने के आदेश के बाद यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने अपने सरकारी बंगले को बचाने के लिये उसके बाहर 'कांशीराम यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगा दिया है, जिसके बाद इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है। डाइनामाइट न्यूज़ की खास रिपोर्ट..
लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी बंगलों को 15 दिन में खाली करने के आदेश जारी किये गये थे। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद जहां सूबे के कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपना नया आशियाना तलाशना शुरू किया वहीं बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने सरकारी बंगले को बचाने के लिये नया तरीका ढ़ूढ़ निकाला। मायावती ने 13-ए मॉल एवेन्यू स्थित सरकारी बंगले के बाहर ‘कांशीराम यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगा डाला।
मायावती के सरकारी बंगले के बाहर बाहर लगा यह बोर्ड अब कौतूहल का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि इसके जरिए मायावती राजनीतिक माइलेज हासिल करना चाहती है और कानून से बचना चाहती है।
डाइनामाइट न्यूज़ को जानकारी देते हुए कुछ लोगों ने बताया कि मायावती द्वारा अपने सरकारी आवास के बाहर इस तरह का बोर्ड लगाकर इसे संग्रहालय का रूप देने की कोशिश की जा रही है, जिससे इसे सीएम के आवंटित बंगला न समझा जा सके। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में यूपी का राज्य संपत्ति विभाग और योगी सरकार क्या निर्णय लेती है।
Published : 21 May 2018, 4:10 PM IST
Topics : बंगले मायावती मुख्यमंत्री लखनऊ सुप्रीम कोर्ट
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