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लखनऊ: योगी सरकार ने यूपी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीनों की बड़ी हेर-फेर करने वालों पर लगाम लगाने के लिए अब मृत्यु-पंजीकरण के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में अब शव को जलाने, दफ़नाने से लेकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है।
योगी सरकार की यह पहल सराहनीय होने के साथ ही कुछ लोगों के लिए परेशानी का सबब हो सकती है। इस पहल से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों मे रहने वाले लोगों के लिए यह सरकारी फरमान जी का जंजाल बन सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों मे कई जगह ऐसी भी हैं, जहां आधार कार्ड के पंजीकरण के बावजूद आज भी सैकड़ों की तादात में अब भी लोगों का आधार कार्ड नही बना है। ऐसे में जो लोग बिना आधार कार्ड के पाये जाते हैं, उनके परिवार में मृत्यु जैसी घटना पर न तो शव का दाह संस्कार हो पायेगा और न ही मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र बन पाएगा।

असल सवाल यह है कि यह सरकारी फरमान आम जनता पर लागू करने के लिए जारी तो कर दिया गया, मगर अब भी ऐसे लोग हैं जिनका आधार कार्ड नही बन पाया है। ऐसे में देखना यह है कि सरकार का यह फरमान जनता पर किस तरह लागू होगा।
Published : 8 August 2017, 5:35 PM IST
Topics : आधार आधार कार्ड पंजीकरण मृत्यु मृत्यु प्रमाणपत्र मौत यूपी योगी आदित्यनाथ लखनऊ शव
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