मनोज टिबड़ेवाल आकाश Google पर छाये, बुलडोजर एक्शन में खोजा रहा है सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश को लोगों द्वारा गूगल पर सर्च किया जा रहा है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 9 November 2024, 2:18 PM IST

नई दिल्ली: बुलडोजर एक्शन के खिलाफ भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन जजों की खंडपीठ ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद इस मामले में याचिका दायर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश को लोगों द्वारा गूगल पर सर्च किया जा रहा है। इसके साथ ही मनोज टिबड़ेवाल गूगल पर छाये हुए हैं।

विश्व के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल पर मनोज टिबड़ेवाल आकाश के नाम के साथ ही लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को सर्च किया जा रहा है। लोग गूगल पर सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट की कॉपी को ढ़ूंढ़ने की कोशिश कर रहे हैं

इसके साथ ही लोगों द्वारा गूगल पर यह जानने की कोशिश भी की जा रही है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दिये गये अपने जजमेंट में क्या-क्या लिखा। 

गूगल के सर्च बार में Manoj Tib.... लिखते ही Manoj Tibrewal Aakash सबसे ऊपर आ रहा है। इसके साथ ही Manoj Tibrewal Aakash judgement भी दूसरे नंबर सर्च ऑप्शन में दिखाई दे रहा है।  

देश की शीर्ष अदालत ने 6 नवंबर को यूपी में बुलडोर एक्शन के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला सुनाया। वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश ने 13 सितंबर 2019 को यूपी के महराजगंज जनपद में अवैध तरीके से ढहाये गये उनके पैतृक मकान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक लेटर पीटिशन दाखिल की थी, जिसका सर्वोच्च अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया और उनको तत्काल मुआवजा देने का यूपी सरकार को निर्देश दिया। इसके साथ ही यूपी के मुख्य सचिव को दोषी अफसरों के खिलाफ एक्शन लेने के लिये निर्देशित किया।

सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव को भी अतिक्रमण या किसी भी वजह से आम नागिरकों के मकान ढ़हाये जाने के लिये जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को अपनाने के लिये निर्देशित किया।

Published : 
  • 9 November 2024, 2:18 PM IST