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महराजगंज: जनपद में जो सरकारी जमीन जिलाधिकारी के नाम से दर्ज है उसको कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर खतौनी संशोधन करवा कर फर्जी बैनामा करवाने के मामले में डाइनामाइट न्यूज आपको बड़ा अपडेट दे रहा है।
इस फर्जीवाड़े में जब डाइनामाइट न्यूज ने उच्चाधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि एक सेवानिवृत लेखपाल की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा हुआ है। नाम सामने आते ही राजस्व विभाग में खलबली मच गई है।
राजस्व विभाग के अफसरों के अनुसार वर्ष 2017 में खतौनी संशोधन से पहले जरे इंतेजाम कलेक्टर समेत 4 से 5 खातेधारकों का नाम था लेकिन जब खतौनी संशोधन 2017 में किया गया तो जरे इंतजाम कलेक्टर का नाम कटवा कर पाठक सरनेम के दो लोगों का नाम वरसात के दौरान जोड़ा गया। उसके बाद गाटा संख्या 1565 क इसरावती पत्नी सुरेंद्र को बेच दिया गया।
इस मामले में एसडीएम सदर ने बताया कि वे यहां वीआईपी ड्यूटी पर आये हैं। पहले तो दोबारा जिलाधिकारी का नाम इस सरकारी जमीन पर चढवाने का प्रयास किया जा रहा है। उसके बाद जितने लोग भी इस फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए जायेंगे उनके ऊपर कठोर कार्यवाही की जायेगी।
Published : 7 July 2023, 5:47 PM IST
Topics : डीएम के नाम की जमीन का बैनामा फर्जीवाड़ा भूमाफियाओं महराजगंज मुश्किलें राजस्व कर्मी सरकारी जमीन सेवानिवृत लेखपाल
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