
शिमला/नई दिल्ली: लोक सभा चुनाव से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)की ठंडी फिजाओं में सियासी गरमाहट छा गई है। राज्य सभा चुनाव की एक सीट में क्रॉस वोटिंग के साथ शुरू हुई राजनीति सुखविन्द्र सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu)सरकार के संकट तक पहुच गई है।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार हिमाचल की कांग्रेस सरकार में मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री वीर भद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya Singh) ने सुक्खू सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को लेकर कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: सुक्खू सरकार ने इस बार कितने करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट किया पेश, जानिए पूरी खबर
हिमाचल विधनसभा के स्पीकर में भारतीय जनता पार्टी के 14 विधायकों को निष्कासित कर दिया है, जिसमें जयराम ठाकुर भी शामिल है। विधानसभा में भाजपा विधायकों का जोरदार हंगामा जारी है। कुछ विधायक धरने पर बैठ गये हैं।
यह भी पढ़ें: सर्दी का सितम सहने को रहें तैयार, रोहतांग-कोकसर में हिमपात, रेड अलर्ट जारी
बुधवार सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने राजभवन जाकर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की।
हिमाचल में सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है और यह मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। कांग्रेस और भाजपा नेतृत्व इस सियासी उठापटक पर बेहद करीब से नजर रखे हुए है।
कांग्रेस ने जहां सत्ता बचाने की कोशिशें तेज कर दी है वहीं भाजपा सत्ता और कांग्रेस में सेंधमारी करके सरकार बनाने की जुगत में जुट सकती है।
Published : 28 February 2024, 11:29 AM IST
Topics : Himachal Pradesh Politics Political Upheaval resigns Vikramaditya Singh इस्तीफा कांग्रेस विक्रमादित्य सिंह शिमला हिमाचल प्रदेश