
गोरखपुर: बाँसगांव थाना क्षेत्र के शैरो गांव में अम्बेडकर जयंती का उल्लास उस वक्त गहरे शोक में डूब गया, जब एक हृदयविदारक हादसे ने 22 वर्षीय अभिषेक कुमार की जिंदगी छीन ली।
बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के प्रति श्रद्धा और उत्साह के साथ निकली रैली में शामिल अभिषेक के कंधों पर गांव का गर्व और झंडा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
सोमवार की सुबह, करीब 9 बजे, जब गांव और आसपास के लोग एकजुट होकर रैली में बाबा साहब के आदर्शों को याद कर रहे थे, तभी अभिषेक का लोहे की रॉड से ऊंचा किया गया झंडा अनजाने में हाईटेंशन तार से टकरा गया। पलक झपकते ही तेज करंट ने अभिषेक को अपनी चपेट में ले लिया। वह बुरी तरह झुलस गया, और उसकी चीखें हवा में गूंज उठीं।
साथियों ने फौरन उसे जिला अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता अनुसार यह खबर जंगल की आग की तरह गांव में फैली, और हरिजन बस्ती का जश्न मातम में बदल गया। जिस घर में सुबह हंसी-खुशी थी, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और परिजनों की सिसकियां गूंज रही थीं।
अभिषेक के माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह गांव का होनहार बेटा था, जिसके सपने अभी अधूरे ही रह गए।पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव वाले सदमे में हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि अभिषेक के परिवार को उचित मुआवजा मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
शैरो गांव आज अपने लाल को खोकर सूना हो गया है। अम्बेडकर जयंती का यह दिन, जो गर्व और एकता का प्रतीक था, अब एक ऐसी दर्दनाक याद बन गया है, जो दिलों को हमेशा कचोटेगी। अभिषेक की मुस्कान भले ही अब न दिखे, लेकिन उसकी यादें गांव के हर कोने में जिंदा रहेंगी।
Published : 14 April 2025, 4:26 PM IST
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