
गोरखनाथ: गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मंदिर परिसर में आने-जाने वाले श्रद्धालु सुरक्षित रहें और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई योजनाओं को मंजूरी दी है।
पीएसी बैरक का निर्माण
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर के बाहर दक्षिण दिशा में दशहरी बाग के पास उत्तर प्रदेश प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की एक बैरक बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन का चयन भी कर लिया गया है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। इस बैरक में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए आवास की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही बुनियादी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, जैसे बच्चों के खेलने के लिए मैदान और कैंटीन का निर्माण।
थर्मल कैमरों की स्थापना
सुरक्षा को और अधिक सख्त बनाने के लिए मंदिर परिसर में एयरपोर्ट की तर्ज पर थर्मल कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे सुरक्षा कर्मियों को हर समय सतर्क रखने में मदद करेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा के मद्देनज़र कदम
मुख्यमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने मंदिर परिसर में एडिशनल एसपी और डिप्टी एसपी के कार्यालय बनाने, कंट्रोल रूम की स्थापना और सीसीटीवी कैमरा सिस्टम को अपग्रेड करने की स्वीकृति दी है। इसके अतिरिक्त मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर फेस रिकग्निशन कैमरे भी लगाए जाएंगे। जिससे मंदिर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति का चेहरा स्कैन किया जा सकेगा।
नए कार्यालय और कंट्रोल रूम का निर्माण
गोरखनाथ थाने के सामने से रसूलपुर दशहरी बाग की तरफ जाने वाली सड़क पर मंदिर से सटे पुलिस अधिकारियों के लिए कार्यालय और कंट्रोल रूम का ढांचा तैयार हो चुका है। इस कार्यालय और कंट्रोल रूम के निर्माण में तेजी लाने के लिए बजट भी प्राप्त हो चुका है।
सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक हथियारों की व्यवस्था
लखनऊ मुख्यालय से एसटीएफ को 300 सब लाइट मशीन गन खरीदने की मंजूरी भी दी गई है। एक मशीन गन की कीमत लगभग 74 हजार रुपये है। साथ ही कारतूसों की भी खरीदारी की जा रही है, ताकि सुरक्षा बल पूरी तरह से तैयार रहें।
पिछले हमले और सुरक्षा चुनौतियाँ
गोरखनाथ मंदिर में सुरक्षा को लेकर कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिनसे सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत किया गया है। 4 अप्रैल 2022 को मंदिर के एक गेट पर हमला हुआ था, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया था। इसके बाद एटीएस ने आरोपी को पकड़कर उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके अलावा अक्तूबर 2023 में गोरखनाथ मंदिर गेट पर कारतूस के साथ दो युवक पकड़े गए थे, जो झारखंड के रहने वाले थे। इसी तरह की अन्य घटनाएं भी सुरक्षा प्रबंधों को और सख्त करने का कारण बनीं।
भविष्य में सुरक्षा में सुधार
सुरक्षा उपायों को सशक्त बनाने के लिए गोरखनाथ मंदिर के एरिया में और अधिक उपाय किए जा रहे हैं। अनुराग सिंह, एडिशनल एसपी, मंदिर सुरक्षा ने बताया कि दक्षिण छोर पर पीएसी बैरक का निर्माण जल्द ही शुरू होगा और मंदिर परिसर में थर्मल कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा एसपी कार्यालय और कंट्रोल रूम का निर्माण भी चल रहा है।
Published : 1 April 2025, 6:00 PM IST
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