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नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग चुनाव चिह्न को लेकर शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले विरोधी गुटों के मामले पर 12 दिसंबर को सुनवाई करेगा। दोनों ही गुट शिवसेना के चुनाव चिह्न पर अपना-अपना दावा जता रहे हैं।
शिवसेना के चुनाव चिह्न पर चल रही लड़ाई को लेकर तीन नवंबर को महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया था। इसके बाद दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चिह्न आवंटित किए गए थे।
अब पार्टी के चुनाव चिह्न से संबंधित विवाद ''ठोस सुनवाई'' के चरण में पहुंच गया है और दोनों गुटों की पहली व्यक्तिगत सुनवाई के लिए 12 दिसंबर की तारीख निर्धारित की गई है जिसके लिए मंगलवार को आवश्यक आदेश जारी किया गया।
इससे पहले मामले में 15 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्धव ठाकरे की याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह शिवसेना के दो धड़ों के बीच जारी विवाद पर जल्द से जल्द फैसला करे।
अदालत ने कहा था कि चुनाव आयोग का आदेश उपचुनाव के उद्देश्य से था। वह कोई अंतिम निर्णय नहीं है? जब उपचुनाव पहले ही हो चुके हैं, ऐसे में अंतरिम आदेश का अब कोई अस्तित्व ही नहीं बचता। ऐसे में अदालत को चुनाव आयोग का अंतिम विचार का इंतजार क्यों नहीं करना चाहिए?
Published : 29 November 2022, 6:31 PM IST
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