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नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर विभिन्न निजी प्लेसमेंट एजेंसी के कामकाज को विनियमित करने के अदालती आदेश का अनुपालन न करने से जुड़े एक मामले में अतिरिक्त श्रम आयुक्त और श्रम उपायुक्त को पेश होने का आदेश दिया है।
उच्च न्यायालय ने श्रम उपायुक्त को तलब करने से इतर, अतिरिक्त श्रम आयुक्त को भी अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने को कहा, क्योंकि दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को यह सूचित किया कि अतिरिक्त श्रम आयुक्त का ही सभी जिलों पर पर्यवेक्षी नियंत्रण है।
न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने एक हालिया आदेश में कहा, ‘‘श्रम उपायुक्त के साथ अतिरिक्त श्रम आयुक्त को सुनवाई की अगली तारीख को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया जाता है। मामले को अगली सुनवाई के लिए 26 मई को सूचीबद्ध किया जाए।’’
अदालत गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) की एक अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विभिन्न प्लेसमेंट’ एजेंसी के कामकाज को विनियमित करने के अदालत के 30 सितंबर, 2014 के आदेश पर 'जानबूझकर पूरी तरह से अमल’’ नहीं किया गया।
Published : 8 April 2023, 7:01 PM IST
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