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नयी दिल्ली: अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने सोमवार को एक कार्यबल का गठन किया जो भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) और भारत के प्रवासी नागरिकों (ओसीआई) को देश की राष्ट्रीय टीमों में खेलने की अनुमति देने की व्यवहार्यता पर शोध करेगा।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, मौजूदा नियमों के अंतर्गत पीआईओ और ओसीआई को अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में तब तक देश का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति नहीं दी जाती जब तक वे भारतीय नागरिकता हासिल नहीं कर लेते।
एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने इस कार्यबल का गठन किया है जो पीआईओ और ओसीआई फुटबॉलरों के उच्च स्तर पर खेलने तथा युवा खिलाड़ियों के दर्जे का मूल्यांकन करेगी।
कार्यबल अपनी रिपोर्ट अगले साल 31 जनवरी को सौंपेगा जिसकी अध्यक्षता पंजाब फुटबॉल संघ के अध्यक्ष समीर थापर करेंगे। चौबे एआईएफएफ चेयरमैन और कार्यकारी समिति के साथ सलाह मश्विरा करके कार्यबल के अन्य सदस्यों के नाम की घोषणा करेंगे।
चौबे ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘कार्यबल का मुख्य उद्देश्य उन फुटबॉलरों का डाटा एकत्रित करना है जो या तो प्रवासी भारतीय हैं या फिर भारतीय मूल के हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इस तरह के काफी फुटबॉलर विभिन्न देशों में खेल रहे हैं और उन्होंने पेशेवर फुटबॉल की चुनौतीपूर्ण दुनिया में खुद का नाम बनाया है। ’’
Published : 14 August 2023, 7:23 PM IST
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