हिंदी
यूपी के शाहजहांपुर में होली के मद्देनजर मस्जिदों को लेकर प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट
शाहजहांपुर: होली के मद्देनजर जिला प्रशासन ने मंगलवार को 67 मस्जिदों को तिरपाल, पन्नी से ढक दिया। लाट साहब के जुलूस से पहले प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार जुलूस में रंगों की बौछार के बीच कोई विवाद न हो, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया है। दो कंपनी पीएसी भी बुला ली गई है। वहीं आरएएफ भी बुलाई गई है। 1800 पुलिसकर्मी समेत करीब चार हजार जवानों की अलग-अलग क्षेत्र में ड्यूटी लगाई जाएगी। ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार शाहजहांपुर में होली के दिन लाट साहब के दो जुलूस निकाले जाते हैं। इस जुलूस को बड़े लाट साहब और छोटे लाट साहब के नाम से जाना जाता है। धार्मिक स्थलों पर रंग फेकने से माहौल न बिगड़े इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
बता दें कि आजादी के बाद से शाहजहांपुर में लाट साहब के जुलूस की परंपरा आरंभ हुई थी। इसमें अंग्रेजों के प्रतीक स्वरूप एक व्यक्ति को लाट साहब बनाकर भैंसागाड़ी पर बैठाकर घुमाया जाता है। आक्रोश के तौर पर उसकी झाड़ू से पिटाई होती है, जूते-चप्पल की माला पहनाई जाती है।
लाट साहब बनने वाले व्यक्ति सहमति से जुलूस में आता है, इसके बदले उसे 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। चौक क्षेत्र से बड़े लाट साहब जबकि रामचंद्र मिशन क्षेत्र से छोटे लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है।
एएसपी ग्रामीण मनोज अवस्थी ने बताया कि सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त है। पुलिस ने सुऱक्षा चाक चौबंद कर रखी है। जुलूस को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए 827 लोगों को पुलिस ने जोड़ा है। यह लोग अलग-अलग क्षेत्रों में अराजकतत्वों पर नजर रखेंगे।
पुलिस को अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी देंगे। इनके नाम भी गोपनीय रखें जाएंगे। बरेली में पांच हजार से अधिक सदस्य बनाए गए। पीलीभीत में साढ़े चार हजार जबकि बदायूं में 583 सदस्य जोड़े गए है।
एसीएमओ डॉक्टर पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि जुलूस को लेकर विभाग की तैयारियां पूरी कर ली गई है। एंबुलेंस भी दोनों जुलूस में रहेगी। किसी तरह की लापरवाही न हो इसके लिए सभी को निर्देशित किया गया है।
No related posts found.