हिंदी
ढाका: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेताओं ने कहा कि पार्टी मंगलवार से शांतिपूर्ण सार्वजनिक भागीदारी कार्यक्रम के माध्यम से सरकार विरोधी अपने आंदोलन को तेज करने की योजना बना रही है।
रविवार को हुए आम चुनावों का बहिष्कार करने वाली बीएनपी ने इसे 'फर्जी' करार दिया है।
समाचार पत्र 'ढाका ट्रिब्यून' की खबर के अनुसार, पूर्व प्रधान मंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बीएनपी और नवगठित आमार बांग्लादेश पार्टी का दावा है कि चुनाव में हुए लगभग 40 प्रतिशत कम मतदान से यह स्पष्ट है कि उनका बहिष्कार आंदोलन सफल रहा।
पार्टी के सूत्रों के हवाले से खबर में बताया गया कि बीएनपी के आलाकमान ने सभी स्तरों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है कि भले ही वे 12वीं राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में मतदान को नहीं रोक सके हों, लेकिन नई सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्यों ने इस बीच 12वें संसदीय चुनाव को 'फर्जी' बताया।
स्थायी समिति के सदस्य अब्दुल मोइन खान ने कहा,''यह कोई चुनाव नहीं है। यह फर्जी चुनाव है। इस चुनाव की सूचना देश और विदेशी सभी मीडिया में आएगी।''
उन्होंने चुनाव के बाद पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर कहा, 'हमें चुनाव के बाद अपने कार्यक्रम के लिए एक दिन का इंतजार करना होगा। बीएनपी लोगों को शामिल करते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को वापस दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है। जब तक यह अधिकार प्राप्त नहीं हो जाते बीएनपी सड़कों पर संघर्ष जारी रखेगी।''
खान ने दावा किया कि बीएनपी नेताओं ने सुबह मतदान शुरू होने के बाद से विभिन्न मतदान केंद्रों की तस्वीरें एकत्र की थीं, जहां कोई मतदाता नहीं था।
रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया है, 'हकीकत यह है कि बांग्लादेश में चुनाव के नाम पर आज हुए इस तमाशे का बहिष्कार किया गया है।'
Published : 8 January 2024, 11:17 AM IST
No related posts found.