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बलरामपुर: प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर लगातार बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट ही नजर आ रही है। जिले के थाना गौरा चैराहा के एक गांव में रेप पीड़ित परिवार न्याय के लिये दर-दर भटक रहा है।
जिले की पुलिस ने अभी-तक इस मामले को लेकर किसी भी तरह की कोई भी कार्यवाही शुरु नहीं की है। पीड़ित परिवार ने न्याय के लिये मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाया है।
मामले की जानकारी देते हुए पीड़िता के पिता ने कहा कि गांव के ही अधेड बंशीलाल उसकी 12 वर्षीय नाबालिक के साथ छेडछाड़ करता रहता था। कई बार उसे इस हरकत के लिए मना भी किया गया, लेकिन वो नहीं माना। एक दिन मौका पाकर उसने नाबालिक के साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता के पिता ने कहा कि रेप के बाद उसने नाबालिक को धमकाया कि अगर उसने किसी को भी कुछ बताया तो वो उसके पूरे परिवार को मार देगा। जिस वजह से पीडिता ने किसी को कुछ भी नही बताया। कुछ दिन बाद जब पीड़िता के शरीर में सूजन और दर्द होने लगा तो इस बात का खुलासा हुआ।
बताया जाता है कि पीड़िता के पिता जब मामले की शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचा तो पुलिस ने उसके साथ गाली गलौज की और 10 हजार रूपए लेकर मामले को दबाने की बात कही।
पीड़िता के पिता का कहना है कि आरोपी अब उनको जान से मारने की धमकी देता है। जिला पुलिस के इस रवैये का बाद पीड़ित परिवार ने न्याय के लिये मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगाने का निर्णय लिया है।
Published : 16 May 2018, 6:35 PM IST
Topics : उदासीनता गौरा चैराहा पुलिस बलरामपुर रेप
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