
बलरामपुर: जनपद में पुलिस ने बुधवार को फर्जी फोन पे एप बनाकर कारोबारियों से ठगी करने वाले चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपरधियों के पास से अवैध पिस्टल व कट्टे के साथ कारतूस, कार व मोबाइल फोन बरामद किया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान चन्द्र प्रकाश यादव उर्फ राजन यादव पुत्र श्याम मनोहर यादव, पंकज यादव पुत्र रमाशंकर यादव, प्रियांशु गुप्ता पुत्र महेश चन्द्र गुप्ता व राजेश श्रीवास्तव पुत्र स्वर्गीय अमरेश बहादुर श्रीवास्तव के रुप में हुई।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया एक व्यापारी की तहरीर के आधार पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई थी।
जानकारी के अनुससार कोतवाली देहात में शिवदत्त द्विवेदी पुत्र कृष्ण बिहारी द्विवेदी ने सूचना दिया कि 30 दिसंबर को रात्रि लगभग डेढ़ बजे स्वीफ्ट कार (UP82PE4248) से आए तीन व्यक्तियों द्वारा 3189 रुपए का पेट्रोल भराकर फर्जी पेमेंट का कूटरचित मैसेज भेजकर धोखा दिया।
जिले में इसी तरह की घटना विकास गुप्ता पुत्र शिव कुमार गुप्ता निवासी सुभाषनगर उतरौला के साथ भी घटित हुई। जिसमें एक कार (UP32PL4218) में सवार चार लोगों में से एक व्यक्ति जैकेट खरीदने आया। जिसने तीन जैकेट लिए। जिसका भुगतान फोन पे ऐप से देने को बोला और 2000 रुपए का फर्जी पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाया परन्तु पैसा नहीं आया। जिस पर विकास गुप्ता ने कोतवाली उतरौला में शिकायत दर्ज कराई थी।
वही लालिया थाना क्षेत्र निवासी महेश पासवान पुत्र मोतीलाल पासवान के साथ भी हुई। जिसमें बैटरी खरीदने के बाद 14 हजार रुपये का फर्जी पेमेंट का मैसेज दिखाया और चले गये परन्तु पैसा नही आया। जिसकी सूचना थाना कोतवाली में दर्ज कराई गई थी।
पुलिस को मिली तहरीर के आधार पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी व सर्विलास टीम लगाई गई।
एसपी विकास कुमार ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी व सर्विलांस टीम को लगाया गया। पुलिस ने चार ठगों को फुलवरिया बाइपास रोड के नरकटिया मोड़ के पास से गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान अभियुक्त चन्द्र प्रकाश यादव के पास से एक अदद पिस्टल व दो जिंदा कारतूस 32 बोर बरामद किया गया।
अभियुक्त पंकज यादव के पास से एक कट्टा व एक जिंदा कारतूस 312 बोर बरामद किया गय। साथ ही पुलिस एक स्वीफ्ट कार तीन एंड्राईड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड भी बरामद किया।
फर्जी एप का करते थे प्रयोग
पुलिस की पूछताछ में राजन यादव ने बताया कि वह प्रियांशु गुप्ता, राजेश श्रीवास्तव व इरशाद के साथ मिलकर काम करता था। प्रियांशु गुप्ता व इरशाद के मोबाइल से फेक फोन पे ऐप के माध्यम से दुकान व पेट्रोल पंप से खरीददारी करते हैं और उसी मोबाइल के फेक फोन पे ऐप के माध्यम से भुगतान का फर्जी संदेश दिखाकर वे भाग जाते थे।
उसने बताया कि जबकि वास्तविकता में भुगतान नही होता है। वहीं कार के नंबर पर काले रंग वाले टेप को चिपका कर असली नंबर छिपाकर फर्जी नंबर बना देते है जिससे कार की पहचान न हो सके।
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Published : 15 January 2025, 8:59 PM IST
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