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इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बसपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े बहुचर्चित स्मारक घोटाले की सुनवाई करते हुए यथाशीघ्र जांच पूरा करने के निर्देश दिये हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने दिया है।
डाइनामाइट न्यूज़ के विधि संवाददाता के मुताबिक हाईकोर्ट ने शशिकांत की जनहित याचिका को खारिज कर दिया औऱ कहा कि यह व्यक्तिगत हित में दाखिल की गयी है। अदालत ने कहा कि याची का भाई संतोष पांडेय भी 14 सो करोड़ के इस घोटाले में लिप्त है और जिसे बचाने के लिये सीबीआई जांच की मांग की गयी है।
अदालत ने यूपी सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुधांशु श्रीवास्तव से जांच की अवधि के बारे में पूछा कि सरकार कितने समय में जांच पूरी करेगी और देरी क्यों हो रही है? इस पर अदालत को जबाव दिया कि निर्माण से संबंधित कुछ दस्तावेज समय पर न मिलने के कारण जांच में देरी हुई। दस्तावेज जांच के लिये जुटाये जा रहे हैं और यथाशीघ्र इनकी जांच पूरी की जायेगी।
इस प्रकरण में लोकायुक्त ने 4 साल पहले रिपोर्ट दाखिल की थी, जिस पर जनवरी 2017 में एफआईआर दर्ज की गयी। फिलहाल इस मामले की जांच विजिलेंस विभाग कर रहा है।
Published : 1 October 2018, 8:24 PM IST
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