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फतेहाबाद: फतेहाबाद सीआईए की टीम ने मर्डर के मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति को पूरे 40 साल बाद अमृतसर से गिरफ्तार किया है। जिस वक्त इसने एक व्यक्ति का मर्डर किया इसकी उम्र महज 25 साल थी,जिसके बाद कोर्ट ने दोषी करार दे 7 साल की कैद की सजा सुना दी थी।1 साल की कैद के बाद हाईकोर्ट से पैरोल ली और हो गया फरार...
सीआईए इंचार्ज अनूप सिंह ने बताया है कि गांव मिराणा के रहने वाले सुखविंद्र सिंह का गांव के ही कपूर सिंह के बेटे से जमीनी विवाद को लेकर झगड़ा चल रहा था। इस झगड़े के चलते 30 अक्टूबर 1977 को सुखविंद्र सिंह ने कपूर सिंह के बेटे की हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने दोषी मानते हुए सुखविंद्र सिंह को 7 साल की सजा सुना दी तो वह जेल में चला गया,मगर एक साल की कैद काटने के बाद हाईकोर्ट से पैरोल ले ली और पैरोल खत्म होने के बाद वह फरार हो गया था।

10 साल से पंजाब में कर रहा था खेती
सुखविंद्र सिंह ने वर्ष 1977 में जब मर्डर किया तो उस समय उसकी उम्र महज 25 साल थी। अब पकड़े गए कैदी की उम्र 65 साल की हो गई है। पुलिस की टीम ने पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी कार्रवाई की,लेकिन 40 साल तक पुलिस उसे ढूंढ तक नहीं पाई। सीआईए इंचार्ज का कहना है कि वह नाम बदलकर अलग-अलग इलाकों में रहता था। सीआईए की पूछताछ में कैदी सुखविंद्र ने बताया है कि वह पिछले 10 साल से अमृतसर के गांव हरछाछीना में ही अपने परिवार के साथ रहते हुए खेती कर रहा था। बहरहाल सीआईए ने पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया,जहां से उसे हिसार जेल में भेज दिया गया है।
Published : 10 March 2017, 12:10 PM IST
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