
अजीत अगरकर (IMG: Pinterest)
New Delhi: भारतीय क्रिकेट में हाल के वर्षों में चयन से जुड़े कई बड़े फैसलों के केंद्र में रहे मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर अब अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में हैं। उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन इसी दौरान चयन समिति और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आती रहीं। द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट ने अगरकर और बोर्ड के रिश्तों को लेकर कई अहम दावे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच मतभेद अगरकर के मुख्य चयनकर्ता बनने के कुछ समय बाद ही शुरू हो गए थे। इसकी शुरुआत कथित तौर पर जसप्रीत बुमराह की कप्तानी को लेकर हुई थी।
अजीत अगरकर ने जुलाई 2023 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की चयन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय टीम इंडिया के सामने एशिया कप और वनडे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट थे। अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति के सामने एक तरफ अनुभवी खिलाड़ियों को संभालने की चुनौती थी तो दूसरी तरफ भविष्य की टीम तैयार करने की जिम्मेदारी भी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर की दूसरी ही चयन बैठक में ऐसा मामला सामने आया, जिसमें उनकी राय और बोर्ड की सोच अलग-अलग थी। मामला अगस्त 2023 में होने वाले आयरलैंड दौरे से जुड़ा था।
जसप्रीत बुमराह करीब एक साल तक चोट के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के बाद आयरलैंड दौरे से वापसी करने वाले थे। यह वापसी उनके लिए वनडे विश्व कप से पहले मैच फिटनेस हासिल करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगरकर नहीं चाहते थे कि लंबे समय बाद वापसी कर रहे बुमराह पर कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी डाली जाए। इसके बजाय ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तान बनाने की बात सामने आई थी। उस समय ऋतुराज को एशियन गेम्स के लिए भी भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई थी।
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, बुमराह की कप्तानी का मामला आखिरी नहीं था। आने वाले समय में टीम चयन से जुड़े कई मुद्दों पर अगरकर और BCCI के बीच मतभेद होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अगरकर चयन समिति के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप को लेकर अपनी स्थिति पर कायम रहे। चयन समिति और बोर्ड के बीच अधिकारों और फैसलों को लेकर कथित तौर पर खींचतान आगे भी बनी रही।
अगरकर के कार्यकाल में सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर हुई। खासकर 2027 वनडे विश्व कप में रोहित की संभावित भूमिका को लेकर अलग-अलग तरह की रिपोर्ट सामने आईं। इंग्लैंड दौरे के दौरान ऐसी खबरें आईं कि रोहित को 2027 विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं माना जा रहा है। हालांकि, बाद में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सार्वजनिक रूप से रोहित के टीम में बने रहने का समर्थन किया।
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में अगरकर और भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख VVS लक्ष्मण के बीच कथित मतभेद का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चयन बैठकों के दौरान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज को लेकर अगरकर ने कुछ सवाल उठाए थे। खासकर खिलाड़ियों की चोट, फिटनेस और रिहैबिलिटेशन से जुड़े मामलों पर चर्चा होने की बात कही गई है।
सितंबर की शुरुआत में BCCI की एक अहम समीक्षा बैठक भी चर्चा में रही। इस बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर, टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और VVS लक्ष्मण समेत कई प्रमुख लोग शामिल हुए थे। अगरकर इस बैठक में मौजूद नहीं थे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सफाई देते हुए कहा था कि अगरकर शहर में नहीं थे और ऐसी जगह पर थे जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए वह ऑनलाइन भी बैठक में शामिल नहीं हो सके।
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अगरकर के कार्यकाल को सिर्फ मतभेदों और विवादों के नजरिए से देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। उनकी अगुआई वाली चयन समिति के दौरान भारतीय टीम ने सफेद गेंद क्रिकेट में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। इस अवधि में भारत ने 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप तथा 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इसके अलावा भारतीय टीम 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी पहुंची।
सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने को लेकर BCCI के भीतर पूरी तरह स्पष्टता नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड में कुछ लोग उनके बने रहने को लेकर उत्सुक नहीं थे। साथ ही अगरकर की तरफ से भी आगे जिम्मेदारी संभालने को लेकर रुचि कम होने की बात कही गई। मुंबई में हुई समीक्षा बैठक में उनकी गैरमौजूदगी को भी इसी संदर्भ में देखा गया। बाद की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगरकर ने कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला कर लिया है।
अजीत अगरकर का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट में कई बड़े बदलावों और उपलब्धियों के दौर के रूप में दर्ज होगा। एक तरफ विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों के अंतरराष्ट्रीय करियर में बड़े बदलाव हुए, वहीं दूसरी तरफ शुभमन गिल समेत नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को टीम में अहम जिम्मेदारियां मिलीं। अब अगरकर और BCCI के बीच कथित मतभेदों की रिपोर्ट ने उनके कार्यकाल के दूसरे पहलू को भी चर्चा में ला दिया है। बुमराह की कप्तानी से शुरू हुई बताई जा रही असहमति से लेकर रोहित शर्मा के भविष्य और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े सवालों तक कई मुद्दे रिपोर्ट में सामने आए हैं।
Location : New Delhi
Published : 21 September 2026, 2:32 PM IST