
क्रिस्टियानो रोनाल्डो (सोर्स- एक्स)
New Delhi: फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल के कप्तान Cristiano Ronaldo ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र उनके जुनून और प्रदर्शन के सामने सिर्फ एक आंकड़ा है। उज्बेकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रोनाल्डो ने दो शानदार गोल दागकर पुर्तगाल को 5-0 की बड़ी जीत दिलाई। इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने कैमरे की ओर देखकर जोरदार अंदाज में कहा- “आई एम बैक! आई एम बैक!”
रोनाल्डो का यह बयान सिर्फ जीत का जश्न नहीं था, बल्कि उन आलोचकों के लिए जवाब भी था, जिन्होंने हाल के दिनों में उनके प्रदर्शन और टीम में उनकी भूमिका पर सवाल उठाए थे। विश्व कप के शुरुआती मुकाबले में गोल नहीं कर पाने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहे रोनाल्डो ने अगले ही मैच में अपने खेल से सभी को जवाब दे दिया।
पुर्तगाल के पहले मैच में Portugal national football team का सामना डीआर कांगो से हुआ था। यह मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ था और रोनाल्डो गोल करने में सफल नहीं रहे थे। इसके बाद कई विशेषज्ञों ने उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए और कहा कि शायद अब वह विश्व कप जैसे बड़े मंच पर पहले जैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाएंगे।
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लेकिन उज्बेकिस्तान के खिलाफ रोनाल्डो ने अपने आलोचकों को मैदान पर ही जवाब दे दिया। उन्होंने मैच में दो गोल किए और अपनी टीम की 5-0 की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखा दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका अनुभव और आत्मविश्वास कितना महत्वपूर्ण है।
उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल के साथ रोनाल्डो ने विश्व कप इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह दुनिया के पहले ऐसे फुटबॉलर बन गए हैं, जिन्होंने छह अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया है।
इसके अलावा उन्होंने पुर्तगाल के लिए विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 10 तक पहुंचा दी। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश के महान खिलाड़ी Eusébio के नौ विश्व कप गोल के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। अब वह पुर्तगाल के विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
मैच के बाद रोनाल्डो ने अपने मुश्किल दौर के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिन उनके करियर के सबसे कठिन समय में से एक रहे।
रोनाल्डो ने कहा, “यह एक कठिन और अंधेरा सप्ताह था। ऐसा महसूस कराया जा रहा था जैसे मैं फुटबॉल से रिटायर हो चुका हूं। लेकिन मैंने हमेशा की तरह खुद को संभाले रखा, क्योंकि मुझे सबसे ज्यादा भरोसा अपनी मेहनत पर है।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अपने साथियों पर भी पूरा विश्वास था। रोनाल्डो ने कहा, “मुझे पता था कि मेरे साथी खिलाड़ी मेरा साथ देंगे। यह मुश्किल समय था, मैं मानता हूं, लेकिन अब हम वापस आ गए हैं। मैं बहुत खुश हूं।”
इतिहास रचने के बावजूद रोनाल्डो ने व्यक्तिगत उपलब्धियों को टीम की सफलता से कम महत्व दिया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य पुर्तगाल को उसके उद्देश्यों तक पहुंचाने में मदद करना है।
रोनाल्डो के मुताबिक रिकॉर्ड बनाना हमेशा खुशी देता है, लेकिन सबसे जरूरी टीम का प्रदर्शन और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास है। उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ जीत को टीम की एकजुटता और बेहतर प्रदर्शन का परिणाम बताया।
मैच के बाद रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा- “एस्तामोस एक्वी (ESTAMOS AQUI)” यानी “हम आ चुके हैं।”
उनकी इस पोस्ट को फैंस का जबरदस्त समर्थन मिला। लाखों लोगों ने इसे पसंद किया और सोशल मीडिया पर रोनाल्डो की वापसी, उनके दो गोल और ऐतिहासिक रिकॉर्ड की जमकर चर्चा हुई।
41 साल की उम्र में रोनाल्डो ने एक बार फिर साबित किया कि उनका जुनून और मेहनत उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। आलोचनाओं के बीच उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ पुर्तगाल को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि विश्व कप इतिहास में अपना नाम और मजबूत कर लिया।
“आई एम बैक” का उनका संदेश अब सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उनके प्रदर्शन से साबित हुई वापसी की कहानी बन चुका है।
Location : New Delhi
Published : 24 June 2026, 10:55 AM IST