
जूते-चप्पल बिखेरने की अनजानी भूल (Img- Pinterest)
New Delhi: क्या आप जानते हैं कि जाने-अनजाने में आप रोजाना एक ऐसी छोटी सी गलती कर रहे हैं, जो आपके घर की शांति और सकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह खत्म कर रही है? बाहर से घर लौटते ही मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर रख देना बहुत आम बात लगती है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से यह एक गंभीर वास्तु दोष है, जो घर के माहौल के साथ-साथ आपके मन पर भी नकारात्मक असर डालता है।
इंटीरियर वास्तु प्लानर और कंसलटेंट रानी टिबड़ेवाल के अनुसार, घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा (पॉजिटिव एनर्जी) भीतर प्रवेश करती है। जब आप मेन गेट के ठीक सामने जूते-चप्पल उतारते हैं, तो इससे ऊर्जा का प्राकृतिक प्रवाह (Energy Flow) रुक जाता है। इसके अलावा, बाहर की गंदगी और बिखराव के साथ घर में प्रवेश करने से व्यक्ति का दिमाग अशांत रहता है और किसी भी काम में एकाग्रता नहीं बन पाती।
प्राचीन मान्यताओं और वास्तु नियमों के अनुसार, जिस घर का मुख्य द्वार गंदा, धूल-धूसरित या बिखरा हुआ रहता है, वहां धन की देवी लक्ष्मी जी का वास नहीं होता। जूते-चप्पलों का जमावड़ा समृद्धि के रास्ते में रुकावट पैदा करता है, जिससे घर में अनचाहे खर्च और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
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घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए कभी भी मेन गेट के बिल्कुल सामने जूते-चप्पल न उतारें। इन्हें हमेशा दरवाजे के एक तरफ (साइड में) दीवार से सटाकर या शू-रैक के अंदर व्यवस्थित ढंग से रखें। बाहर से पहनकर आए जूते-चप्पलों को पहनकर घर के भीतर घूमने से बचें, ताकि घर का वातावरण स्वच्छ, शुद्ध और तनावमुक्त बना रहे।
Location : New Delhi
Published : 27 August 2026, 3:12 PM IST