UP Flood: वाराणसी में गंगा के जलस्तर से सभी हैरान; शीतला माता मंदिर में पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह

वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब घटने लगा है और यह चेतावनी बिंदु से नीचे पहुंच गया है। शीतला माता मंदिर से भी बाढ़ का पानी उतर रहा है। करीब दस दिनों में मंदिर से पानी पूरी तरह निकलने की उम्मीद है, जिसके बाद चल विग्रह स्थापित कर दोबारा दर्शन-पूजन शुरू हो सकता है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 6 September 2026, 12:02 PM IST

Varanasi: वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है। कुछ समय पहले खतरे के निशान के करीब पहुंच चुके गंगा के पानी में कमी आने से लोगों को राहत मिली है। हालांकि, रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण जलस्तर घटने की रफ्तार कुछ प्रभावित हो रही है। इस बीच शीतला माता मंदिर से भी बाढ़ का पानी उतरने लगा है, जिसके बाद जल्द ही मंदिर में दोबारा पूजा-पाठ शुरू होने की उम्मीद जगी है।

शीतला माता मंदिर से घटने लगा बाढ़ का पानी

गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण शीतला माता मंदिर का परिसर लंबे समय से बाढ़ की चपेट में था। अब मंदिर की छत से भी पानी नीचे उतरने लगा है। इससे मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं को राहत मिली है।

जलस्तर में इसी तरह कमी जारी रही तो आने वाले दिनों में मंदिर से बाढ़ का पानी पूरी तरह निकलने की उम्मीद है। अनुमान है कि करीब दस दिनों में मंदिर परिसर पानी से मुक्त हो सकता है। इसके बाद यहां दर्शन और पूजा का क्रम सामान्य रूप से शुरू किया जा सकेगा।

चल विग्रह की स्थापना की भी तैयारी

मंदिर से पानी पूरी तरह निकलने के बाद पूजा व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही है। मंदिर में चल विग्रह को दोबारा स्थापित कर पूजा का अटूट क्रम शुरू करने की योजना है।

मंदिर प्रबंधन की ओर से इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि जल्द ही शीतला माता के मंदिर में पहले की तरह दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा।

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चेतावनी बिंदु से नीचे आया गंगा का जलस्तर

राजघाट स्थित केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे दर्ज किया गया। उस समय जलस्तर 69.80 मीटर था और इसमें करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कमी दर्ज की जा रही थी।

वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरा बिंदु 71.262 मीटर निर्धारित है। वहीं वाराणसी में अब तक का सर्वकालिक अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है।

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बारिश ने बढ़ाई चिंता

गंगा के जलस्तर में कमी से राहत जरूर मिली है, लेकिन बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण बाढ़ घटने की रफ्तार पर असर पड़ सकता है। बारिश होने पर जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल गंगा का पानी नीचे आने से वाराणसी में राहत की स्थिति बन रही है। अब निगाह इस बात पर है कि अगले कुछ दिनों में जलस्तर कितनी तेजी से घटता है और शीतला माता मंदिर कब पूरी तरह बाढ़ के पानी से मुक्त होता है।

Location :  Varanasi

Published :  6 September 2026, 12:02 PM IST