सावन पूर्णिमा 2026: 27 या 28 अगस्त? दूर करें तारीख का भ्रम, जानें किस दिन व्रत और स्नान-दान होगा फलदायी

सावन पूर्णिमा 2026 को लेकर 27 और 28 अगस्त के बीच भ्रम? जानें शास्त्रों के अनुसार उदया तिथि की सही तारीख, शिवलिंग अभिषेक का समय और रक्षाबंधन मनाने का सबसे शुभ मुहूर्त।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 August 2026, 8:30 AM IST

New Delhi: सावन महीने का अंतिम दिन यानी सावन पूर्णिमा धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी माना जाता है। वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि दो दिनों तक पड़ने के कारण श्रद्धालुओं के बीच तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। पंचांग की गणना के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 47 मिनट तक रहेगी।

सनातन धर्म में उदया तिथि की मान्यता सर्वोपरि होती है, इसलिए सावन पूर्णिमा का व्रत, स्नान-दान और रक्षाबंधन का महापर्व 28 अगस्त को ही पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।

महादेव की विशेष कृपा और उदया तिथि का महत्व

वैदिक शास्त्रों के अनुसार, जिस तिथि में सूर्योदय होता है, उसी तिथि का प्रभाव पूरे दिन माना जाता है। 28 अगस्त के सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, जिससे यह दिन प्रभु की आराधना के लिए अति उत्तम बन जाता है।

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इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं। शिवलिंग पर दूध, जल और गंगाजल से अभिषेक करने के साथ 'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

राखी बांधने और दान-पुण्य का सबसे शुभ समय

सावन पूर्णिमा के दिन ही रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। 28 अगस्त को सुबह के समय पूजा-पाठ और स्नान-दान के बाद दोपहर के समय रक्षासूत्र बांधना बेहद शुभ माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के बाद सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान करने से पितृदोष और ग्रहदोष शांत होते हैं।

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सरल पूजा विधि से पाएं भगवान शिव का आशीर्वाद

सावन पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर व्रत और पूजन का संकल्प लें। इसके बाद शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें और बेलपत्र, धतूरा व फूल अर्पित करें। शाम के समय चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य देने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Location :  New Delhi

Published :  20 August 2026, 8:30 AM IST