विंध्याचल धाम में महानवमी की धूम: माँ सिद्धिदात्री के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, जानिये क्यों खास है आज का दिन?

विंध्याचल धाम में चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने माँ सिद्धिदात्री के दर्शन कर विधि-विधान से कन्या पूजन और हवन संपन्न किया। विंध्य क्षेत्र के मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 27 March 2026, 12:55 PM IST

Mirzapur: चैत्र नवरात्र के नौवें दिन यानी महानवमी पर मिर्जापुर के विश्वप्रसिद्ध विंध्याचल धाम में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। शक्तिपीठ माँ विंध्यवासिनी के दरबार में तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। भक्तों ने कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया और माँ के जयकारों के साथ विंध्य पर्वत शृंखलाओं को गुंजायमान कर दिया।

अंतिम दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष विधान

नवरात्र के अंतिम दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष विधान है, जिन्हें देवी दुर्गा का पूर्ण और सौम्य स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ सिद्धिदात्री ने ही भगवान शिव को अष्ट सिद्धियां प्रदान की थीं, जिससे शिव का आधा शरीर देवी का हो गया और वे 'अर्धनारीश्वर' कहलाए। कमल के आसन पर विराजमान माँ की चार भुजाएं और उनके हाथों में सुशोभित चक्र, गदा, शंख और कमल भक्तों को शांति और दिव्यता का अहसास कराते हैं।

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कन्या पूजन और हवन के साथ नौ दिनों की साधना हुई पूर्ण

महानवमी के इस पवित्र दिन पर घरों और मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। भक्तों ने विधि-विधान से हवन-पूजन किया और कन्या पूजन का आयोजन किया। नन्हीं कन्याओं को साक्षात देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया, उन्हें भोजन कराया गया और उपहार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। विंध्य क्षेत्र के मंदिरों में हो रहे दुर्गा सप्तशती के पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।

मोक्ष और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है नवरात्र का अंतिम दिन

धार्मिक जानकारों के अनुसार, माँ सिद्धिदात्री की कृपा से साधकों को न केवल सांसारिक सुख बल्कि आध्यात्मिक शक्तियों और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। नौ दिनों तक चली माँ शक्ति की कठिन आराधना आज नवमी के साथ संपन्न हुई। भक्तों ने माँ के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की और भारी मन से अगले वर्ष माँ के पुनः आगमन की प्रतीक्षा का संकल्प लिया।

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विभिन्न राज्यों से माँ के धाम पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। भारी भीड़ होने के बावजूद भक्तों को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिले, जिससे उनके चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया।

Location : 
  • Mirzapur

Published : 
  • 27 March 2026, 12:55 PM IST