
धनतेरस शुभ मुहूर्त (Img- Dynamite News)
New Delhi: आज यानी 6 नवंबर को धनतेरस है। इस दिन देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है, ताकि घर में धन की वर्षा हो और सुख-समृद्धि बनी रहे। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि दिवाली का पांच दिवसीय त्योहार धनतेरस से ही शुरू होता है और आज से दिवाली का पांच दिवसीय त्योहार शुरू हो चुका है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस साल लगभग सात वर्षों में पहली बार, धनतेरस पर एक विशेष खगोलीय संयोग बन रहा है, जिसमें हस्त नक्षत्र, विश्व योग और शुक्र प्रदोष व्रत का मेल है। ऐसा माना जाता है कि ऐसे शुभ संयोग में की गई पूजा और दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है।
शास्त्रों के अनुसार, धनतेरस पर पूजा के लिए 'प्रदोष काल' (सूर्यास्त के आसपास का समय) सबसे उत्तम माना जाता है। कहा जाता है कि त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। धनतेरस पर सोना-चांदी के आभूषण, धातु के बर्तन और झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है।
त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और अगले दिन, 7 नवंबर को लगभग सुबह 11:00 बजे तक रहेगी। आइए ऐसे में जानते हैं कि धनतेरस पर पूजा के लिए सबसे शुभ समय कौन सा है, और दिन भर तथा शाम के समय खरीदारी के लिए सबसे अच्छे मुहूर्त कौन से हैं।
आज धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:02 बजे से 07:57 बजे तक रहेगा। ऐसे में पूजा की कुल अवधि 1 घंटे 56 मिनट है। यह शुभ मुहूर्त प्रदोष काल के अंदर आता है और इसके अंतर्गत स्थिर वृषभ लग्न भी पड़ रहा है। अगर बात करें प्रदोष काल की यह शाम 05:33 बजे से 08:09 बजे तक रहेगा। वहीं वृषभ लग्न शाम 06:02 बजे से 07:57 बजे तक रहेगा।
धनतेरस पूजा विधि (Img- Pinterest)
हिंदू धर्म की मान्यता का अनुसार, धनतेरस वाले दिन खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में आज खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त आज सुबह 10:30 बजे े लेकर अगल दिन सुबह 06:37 बजे तक रहेगा। वहीं अगर आप सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं तो इस बीच खरीद सकते हैं। वहीं खरीदारी के लिए उत्तम मुहूर्त कुछ इस प्रकार है:
1. प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत): सुबह 10:30 बजे से सुबह 10:43 बजे तक
2. अपराह्न मुहूर्त (शुभ): दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 01:27 बजे तक
3. अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक
4. अपराह्न मुहूर्त (चर): शाम 04:11 बजे से शाम 05:33 बजे तक।
अब बात करते हैं हम धनतेरस की पूजा विधि के बारे में, जिसे बहुत ही कम लोग जानते हैं। अगर आप इस तरह से पूजा करते हैं तो मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा आपके घर में बनी रहेगी। शाम को शुभ मुहूर्त में भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की मूर्तियां इस तरह स्थापित करें कि उनका मुख उत्तर दिशा की ओर हो। साथ ही, देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां भी स्थापित करें। इसके बाद, एक दीपक जलाएं और निर्धारित विधि-विधान के अनुसार पूजा शुरू करें।
तिलक लगाने के बाद, फूल और फल जैसी चीजें अर्पित करें। भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी को सफेद रंग की मिठाइयां, और भगवान धन्वंतरि तथा भगवान गणेश को पीले रंग की मिठाइयां अर्पित करें। पूरी पूजा के दौरान, "ॐ ह्रीं कुबेराय नमः" मंत्र का जाप करते रहें। भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद पाने के लिए, इस दिन धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ करें।
Location : New Delhi
Published : 6 November 2026, 2:03 PM IST