Bhiwadi: दिल्ली-जयपुर हाई-वे पर भीषण हादसा, मिट्टी धंसने से 7 मजदूरों की मौत

भिवाड़ी के पास दिल्ली जयपुर हाई-वे पर कापड़ियावास स्थित सिगनेचर ग्लोबल सोसाइटी में सोमवार रात को मिट्टी खुदाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मिट्टी धंसने से कई श्रमिक दब गए, जिनमें से 7 की मौत हो चुकी है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 10 March 2026, 12:19 AM IST

Bhiwadi: राजस्थान के भिवाड़ी के सीमावर्ती हरियाणा क्षेत्र में सोमवार को दिल्ली-जयपुर हाई-वे पर एक बड़ा हादसा सामने आया है।  कापड़ियावास स्थित सिगनेचर ग्लोबल बिल्डर सोसाइटी में मिट्टी की खुदाई के दौरान कई श्रमिक मिट्टी में दब गए। इस घटना में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। मिट्टी में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस हादसे में अब तक 7 श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। सभी शवों को भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे में चपेट में आये मजदूरों के परिजन

हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में वहां काम करने वाले श्रमिकों के परिजन भी पहुंचने लगे। परिजन अपने परिजनों की जानकारी लेने के लिए मौके पर जुटे हुए हैं। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे मामले में प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती जा रही है।

UP STF का बड़ा एक्शन: यूपी का कुख्यात गो-तस्कर एमपी से गिरफ्तार, जानें 50 हजार का इनामी कैसे दे रहा था पुलिस को चकमा

ऐसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार दिल्ली-जयपुर हाईवे पर होटल राव के सामने स्थित निर्माणाधीन सिगनेचर ग्लोबल सोसाइटी में मिट्टी की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और वहां काम कर रहे कई श्रमिक उसके नीचे दब गए।

बताया जा रहा है कि अभी भी मिट्टी के नीचे कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है। इसी कारण मौके पर लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन और बचाव दल के लोग मिट्टी हटाकर लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

वर्ल्ड कप जीतने के बाद भड़के कीर्ति आजाद, जानें क्यों कहा कि टीम इंडिया को आनी चाहिए शर्म; पढ़ें पूरी खबर

मामले में डीसीपी का बयान

डीसीपी दीपक कुमार ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि यह बड़ी और सनसनीखेज घटना शाम करीब 7 बजे हुई थी, लेकिन कंपनी ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को लगभग 9:30 बजे दी। इतनी बड़ी लापरवाही क्यों हुई, इसकी जांच की जा रही है। इसी देरी के कारण मजदूरों का रेस्क्यू करीब ढाई घंटे बाद शुरू हो सका। यदि जिला प्रशासन को समय पर सूचना दी जाती, तो मजदूरों को बचाने की संभावना ज्यादा हो सकती थी।

Location : 
  • Bhiwadi

Published : 
  • 9 March 2026, 11:49 PM IST