
हवाला नेटवर्क पर पंजाब पुलिस का चौतरफा वार (Img- Internet)
Chandigarh: पंजाब को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने एक और बेहद बड़ा कदम उठाया है। पंजाब पुलिस ने अपने सबसे बड़े और महत्वकांक्षी अभियान 'युद्ध नशों विरुद्ध' के अगले चरण का आगाज़ कर दिया है। इसके तहत नशा तस्करी के कारोबार से जुड़े अवैध हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए पूरे राज्य में तीन दिवसीय विशेष जांच और धरपकड़ अभियान की शुरुआत की गई है।
इस राज्यव्यापी कार्रवाई का प्राथमिक उद्देश्य उन सफेदपोश हवाला ऑपरेटरों और बिचौलियों पर नकेल कसना है, जो नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री से पैदा होने वाले काले धन को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने और तस्करों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम करते हैं।
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत पुलिस को वित्तीय मोर्चे पर बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं। 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के शुरू होने से लेकर अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से 73 शातिर हवाला संचालकों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
इसके साथ ही, इन आरोपियों के गुप्त ठिकानों से लगभग 10 करोड़ रुपये की अवैध हवाला राशि भी जब्त की गई है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से पाकिस्तान और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े ड्रग सिंडिकेट के घरेलू नेटवर्क को गहरा धक्का लगा है।
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नशे के सौदागरों को आर्थिक रूप से पंगु बनाने के लिए पंजाब पुलिस केवल गिरफ्तारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को भी लगातार कुर्क कर रही है। साल 2022 से लेकर अब तक की गई कठोर कार्रवाई का ब्योरा देते हुए पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 68एफ के तहत नशा तस्करों की 830 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज किया जा चुका है। फ्रीज की गई इन संपत्तियों में तस्करों द्वारा नशे की काली कमाई से खरीदे गए आलीशान बंगले, महंगी गाड़ियां, वाणिज्यिक भूखंड और बैंक खाते शामिल हैं।
पुलिस महानिदेशक कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, केवल पिछले कुछ महीनों में ही तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में अभूतपूर्व तेजी आई है। 1 मार्च 2025 से लेकर अब तक पुलिस ने नशा तस्करी के जरिए अर्जित की गई 20 करोड़ रुपये से अधिक की नकद अवैध कमाई बरामद की है।
इसके साथ ही, अपराधियों द्वारा अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को हमेशा के लिए जब्त करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा भेजे गए 1,727 कानूनी प्रस्तावों की पुष्टि सक्षम प्राधिकरण (Competent Authority) द्वारा की जा चुकी है, जिससे तस्करों के पास कानूनी रूप से बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है।
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पंजाब पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत राज्य में नशीले पदार्थों के व्यापार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' यानी शून्य सहनशीलता की नीति पर काम किया जा रहा है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के संगठित ढांचे को तब तक पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, जब तक कि उनके वित्तीय लेन-देन के स्रोतों को पूरी तरह ब्लॉक न कर दिया जाए।
इसी रणनीति के तहत हवाला ऑपरेटरों, उनके मददगारों, नशे की कमाई के निवेश और तस्करों की बेनामी संपत्तियों पर लगातार चौतरफा हमले किए जा रहे हैं, ताकि 'नशा मुक्त पंजाब' का सपना जल्द से जल्द धरातल पर सच हो सके।
Location : Chandigarh
Published : 10 June 2026, 3:33 PM IST