
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Kapurthala: पंजाब के कपूरथला स्थित कादूपुर गांव के एक परिवार के लिए कुदरत ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जिस 24 वर्षीय रवि कुमार के चले जाने के गम में परिवार आंसू बहा रहा था और जिसकी आत्मिक शांति के लिए 15 अगस्त को अंतिम अरदास (भोग) तक की जा चुकी थी, वह अचानक जिंदा सामने आ गया।
2 सितंबर को जब केंद्रीय जेल कपूरथला से एक फोन आया, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जेल प्रशासन की सूचना पर जब माता-पिता जेल पहुंचे, तो अपने बेटे को सही-सलामत देखकर उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
रवि कुमार 5 अगस्त से गायब था। परिजनों ने हर जगह तलाश करने के बाद 11 अगस्त को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी बीच पुलिस को कांजली रोड के पास एक अज्ञात युवक का बुरी तरह क्षत-विक्षत शव मिला।
शव का चेहरा और शरीर इतना खराब हो चुका था कि तस्वीरों को देखकर बदहवास परिवार को लगा कि वह रवि ही है। 13 अगस्त को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जिसे वे पंचतत्व में विलीन कर रहे हैं, वह कोई और था।
रवि ने जेल में परिजनों को पूरी कहानी बताई। 6 अगस्त को ही जालंधर पुलिस ने उसे आवारागर्दी के आरोप में हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उसे कपूरथला जेल भेज दिया गया। यानी जब परिवार पुलिस थानों के चक्कर काट रहा था और लावारिस लाश को अपना बेटा समझकर रो रहा था, तब रवि सलाखों के पीछे सुरक्षित बंद था।
रवि के जिंदा मिलने से परिवार की खुशियां तो लौट आई हैं, लेकिन इस घटना ने खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल दाग दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांजली रोड पर मिला वह अभागा युवक कौन था, जिसका अंतिम संस्कार रवि समझकर कर दिया गया? अज्ञात शव की शिनाख्त के समय कागजी प्रक्रियाओं, बयानों और सबूतों की सही तरीके से जांच क्यों नहीं की गई? अब पुलिस के सामने उस अज्ञात मृतक की असली पहचान तलाशने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
Location : Kapurthala
Published : 6 September 2026, 9:23 AM IST