हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अफसरों के विदेशी दौरों पर लगाई रोक, जानें इसके पीछे की वजह

हरियाणा सरकार ने सितंबर तक सभी अफसरों के विदेशी दौरों पर रोक लगा दी है और विदेश यात्रा बजट को आधा करने पर विचार कर रही है। साथ ही वीआईपी गाड़ियों के तेल खर्च में 20% कटौती और उसकी निगरानी के लिए विशेष पोर्टल बनाने का फैसला किया है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 June 2026, 10:28 AM IST

Chandigarh: हरियाणा सरकार ने वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में सितंबर तक सभी प्रशासनिक अधिकारियों के विदेशी दौरों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि यदि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं, तो इस प्रतिबंध की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

इस कड़े प्रतिबंध के दौरान अधिकारियों को केवल गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति (Medical Emergency) में ही विदेश जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, सरकार इस साल तय किए गए विदेश यात्रा बजट को भी आधा या उससे कम करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

बजट में की गई थी 175 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी

वित्त विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा सरकार ने इस साल अधिकारियों के विदेशी दौरों के लिए कुल 6 करोड़ 90 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया था। यह राशि पिछले वर्ष के बजट (ढाई करोड़ रुपये) की तुलना में करीब 175 प्रतिशत अधिक थी।

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इस बजट में मुख्य सचिवालय के लिए 4 करोड़ रुपये, सिंचाई विभाग के लिए ढाई करोड़ रुपये और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के लिए 30 लाख रुपये का प्रावधान शामिल था। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन और सहकारिता जैसे अन्य छोटे विभागों के लिए भी सीमित फंड रखा गया था। हालांकि, अब इस खर्च को पूरी तरह नियंत्रित करने की तैयारी है।

गाड़ियों के तेल खर्च में 20 फीसदी की कटौती का आदेश

विदेशी दौरों पर रोक लगाने के साथ ही सरकार ने मंत्रियों और अफसरों की लग्जरी गाड़ियों के ईंधन खर्च पर भी नियंत्रण कस दिया है। वर्तमान बजट में मंत्रियों की गाड़ियों के तेल के लिए करीब 6 करोड़ रुपये और अफसरों की गाड़ियों के लिए 4 करोड़ 20 लाख रुपये (कुल 10 करोड़ से अधिक) का प्रावधान किया गया था।

अब सरकार ने फैसला लिया है कि सितंबर 2026 तक सभी सरकारी विभागों के पेट्रोलियम संबंधी व्यय में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत की कमी लाई जाएगी। इस फैसले से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की बचत होने की उम्मीद है।

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विशेष पोर्टल से होगी निगरानी

इस बचत योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए हरियाणा सरकार एक विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक सरकारी विभाग को हर महीने पोर्टल पर यह रिपोर्ट देनी होगी कि उन्होंने अपने वाहनों के उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी की है या नहीं।

आपको बता दें कि सरकार ने पिछले साल ही नई व्यवस्था लागू की थी, जिसके तहत कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम एक आधिकारिक और एक निजी विदेश यात्रा ही कर सकता है। निजी खर्च पर भी साल में केवल एक बार ही विदेश जाने की अनुमति का नियम है।

Location :  Chandigarh

Published :  12 June 2026, 10:28 AM IST