मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर मायावती की एंट्री, कहा- अमर्यादित और विषैली राजनीति जनहित में नहीं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर उपजे सियासी घмаसान के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिना नाम लिए कांग्रेस और अन्य दलों को नसीहत दी है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि नेताओं के बीच व्यक्तिगत, अमर्यादित और हिंसक बयानबाजी देश व जनहित में नहीं है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 October 2026, 12:11 PM IST

Lucknow: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने कांग्रेस को कुछ सलाह दी है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर खड़गे या कांग्रेस का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियों को मौजूदा राजनीतिक माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है। राजनीतिक नेताओं के बीच बढ़ती कड़वाहट, व्यक्तिगत आरोपों और अपमानजनक बयानों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति न तो देश के हित में है और न ही जनता के।

राजनीतिक बयानबाजी पर मायावती ने जताई चिंता

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखते हुए मायावती ने कहा कि भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष और एक-दूसरे पर आरोप लगाने का स्तर लगातार गिर रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक चर्चा अब व्यक्तिगत स्तर पर आ गई है, जो असंसदीय, अमर्यादित और अपमानजनक हो गई है। इसके अलावा संकीर्ण सोच और जातिवाद जैसे मुद्दे भी सामने आए हैं ये ऐसी बातें हैं जो देश की गरिमा और प्रतिष्ठा के लिए बेहद चिंताजनक हैं।

खड़गे की टिप्पणी पर रायबरेली में BJP का विरोध, कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन

बसपा प्रमुख ने उच्च पदों पर बैठे नेताओं के आचरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि भले ही नेता एक-दूसरे के प्रति सच्चा सम्मान न रखते हों, लेकिन कम से कम उन्हें एक ऐसा राजनीतिक माहौल बनाने से बचना चाहिए जो जहरीला और आपत्तिजनक हो।

'गरीब-विरोधी' राजनीति से जनता का भरोसा कम होने की चिंता

मायावती ने चेतावनी दी कि संकीर्ण और स्वार्थपूर्ण राजनीति का बढ़ता चलन राजनीतिक व्यवस्था में जनता के भरोसे को कम कर सकता है जो देश और उसके नागरिकों, दोनों के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने सरकार में भ्रष्टाचार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। मायावती के अनुसार, जनता पहले से ही इन समस्याओं से परेशान है; ऐसे माहौल में, नेताओं के बीच आपसी दुश्मनी और तीखे, अपमानजनक हमले स्थिति को और अधिक जटिल बना देते हैं।

गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की अपील

बसपा प्रमुख ने जोर देकर कहा कि जनता चाहती है कि राजनीतिक दल देश की गंभीर समस्याओं का समाधान खोजने पर ध्यान दें। गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी चुनौतियां आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में, राजनीतिक नेताओं को आपसी विवादों में उलझने के बजाय इन मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए।

PM Modi पर खड़गे की टिप्पणी से गरमाई राजनीति, BJP का देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

मायावती ने सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं से आग्रह किया है कि वे अनुचित टिप्पणियां और विवादित बयान देने के बढ़ते चलन पर गंभीरता से विचार करें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का राजनीतिक माहौल समाज में कड़वाहट पैदा कर सकता है। उनका मुख्य संदेश यह था कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक चर्चा में मर्यादा बनाए रखी जानी चाहिए और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Location :  Lucknow

Published :  27 October 2026, 12:11 PM IST