
रालोद में बड़ी टूट की आहट (IMG: AI Generated)
Saharanpur: उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनावी सरगर्मी बढ़ते ही अब दल-बदल का खेल भी तेज होता दिखाई दे रहा है। सहारनपुर में राष्ट्रीय लोकदल यानी रालोद को चुनाव से पहले एक और बड़े झटके की आहट सुनाई दे रही है। पार्टी के एक बड़े पदाधिकारी के जल्द ही रालोद छोड़कर किसी दूसरे राजनीतिक दल का दामन थामने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं। खास बात यह है कि यह चर्चा ऐसे समय तेज हुई है, जब रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी तीन सितंबर को रामपुर मनिहारान में बड़ी स्वाभिमान रैली करने जा रहे हैं।
चुनाव से पहले किसी बड़े पदाधिकारी का पार्टी छोड़ना रालोद के लिए राजनीतिक झटका माना जा सकता है। खासकर सहारनपुर जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले में, जहां रालोद की राजनीति लंबे समय से किसान और जाट मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करती रही है। राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक संबंधित पदाधिकारी दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं के संपर्क में हैं। हालांकि उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। यही वजह है कि समर्थकों और स्थानीय नेताओं के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
रालोद में टूट की चर्चाओं के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया ‘चवन्नी’ बयान को लेकर भी पश्चिमी यूपी की राजनीति में चर्चा तेज है। इस बयान के बाद सपा और रालोद के बीच राजनीतिक रिश्तों को लेकर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। चुनावी माहौल में नेताओं के बयानों को उनके समर्थक और विरोधी अपने-अपने राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
रालोद के सामने यह पहली बार नहीं है, जब किसी बड़े पदाधिकारी के पार्टी छोड़ने की चर्चा सामने आई हो। पिछले कुछ महीनों में संगठन के कई महत्वपूर्ण चेहरे पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। प्रदेश स्तर पर प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व एमएलसी डॉ. रामाशीष राय ने भी कुछ समय पहले रालोद से इस्तीफा दिया था। इसके अलावा दूसरे जिलों में भी कई पदाधिकारी पार्टी छोड़कर जा चुके हैं।
सहारनपुर में रालोद को कुछ समय पहले भी बड़ा राजनीतिक झटका लग चुका है। पूर्व जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम ने रालोद से इस्तीफा देकर आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया था। इसके बाद से वह आसपा में सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। अब एक और बड़े पदाधिकारी के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं ने संगठन के भीतर हलचल बढ़ा दी है।
इन तमाम चर्चाओं के बीच रालोद अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुटा है। तीन सितंबर को रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी रामपुर मनिहारान के गोचर महाविद्यालय में स्वाभिमान रैली को संबोधित करेंगे। केंद्र में मंत्री बनने के बाद सहारनपुर में जयंत चौधरी का यह पहला बड़ा कार्यक्रम होगा। रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी पदाधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सहारनपुर सर्किट हाउस सभागार में हुई बैठक में रैली की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाई गई। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव और बिजनौर सांसद चंदन चौहान ने दावा किया कि रामपुर मनिहारान में होने वाली स्वाभिमान रैली ऐतिहासिक होगी।
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शाहजमां खान ने की, जबकि संचालन प्रदेश सचिव चौधरी धीर सिंह ने किया। बैठक में मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर, चौधरी अय्यूब हसन, भूषण चौहान, रमेश चौहान, महावीर सैनी, शिवकुमार गुर्जर, शमीम अहमद और फैसल त्यागी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
सोमवार को राष्ट्रीय महासचिव चंदन चौहान रामपुर मनिहारान पहुंचे और गोचर कृषि इंटर कॉलेज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान रैली की व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह और गोचर कृषि इंटर कॉलेज के प्रबंधक अमित चौधरी समेत अन्य पदाधिकारियों ने रैली को सफल बनाने में सहयोग का भरोसा दिया।
Location : Saharanpur
Published : 25 August 2026, 1:40 PM IST