विधायकों का कटेगा पत्ता या मिलेगी दोबारा कमान? विनोद तावड़े की ‘स्पेशल-5’ टीम रचेगी नया चक्रव्यूह

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अपने संगठन को क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय करने की तैयारी में है। पांच केंद्रीय पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों के जरिए पार्टी विधायकों के कामकाज, संभावित उम्मीदवारों और जनता की प्रतिक्रिया का आकलन करना चाहती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 October 2026, 1:55 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की पांच सदस्यीय केंद्रीय टीम राज्य में क्षेत्रवार जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रही है। इस टीम का नेतृत्व बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े करेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, टीम के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में रहकर संगठन की स्थिति, मौजूदा विधायकों के कामकाज और संभावित उम्मीदवारों को लेकर जमीनी फीडबैक जुटाएंगे।

पांच पदाधिकारियों को मिली अलग-अलग जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, विनोद तावड़े पूरे प्रदेश में चुनावी तैयारियों की निगरानी करेंगे। उनके सहयोगियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदीप वर्मा को अवध और गोरखपुर, अनंत ओझा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को काशी और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का दायित्व सौंपे जाने की जानकारी है।

वहीं, मेधा कुलकर्णी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय से काम करेंगी। उन्हें महिला और युवा वर्ग से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये पदाधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में किराये के मकान लेकर रहेंगे, ताकि संगठन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा सके।

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मौजूदा विधायकों और संभावित उम्मीदवारों पर नजर

बीजेपी की इस कवायद का उद्देश्य जिला इकाइयों और विधानसभा क्षेत्रों के साथ केंद्रीय नेतृत्व का संपर्क मजबूत करना बताया जा रहा है। टीम के सदस्य पार्टी के विस्तारकों और विधानसभा प्रभारियों के माध्यम से मौजूदा विधायकों तथा संभावित उम्मीदवारों के बारे में जानकारी जुटाएंगे।

इसके साथ ही क्षेत्रीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रभावशाली लोगों से बातचीत कर संगठन की स्थिति का आकलन किया जाएगा। सरकार के कामकाज को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया और संभावित सत्ता-विरोधी रुझान यानी एंटी-इनकम्बेंसी से जुड़ा फीडबैक भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

महिला और युवा वर्ग पर भी रहेगा फोकस

पार्टी की योजना में महिला और युवा वर्ग से जुड़े कार्यक्रमों को भी प्रमुखता दी गई है। मेधा कुलकर्णी को इनसे संबंधित गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात सामने आई है। बीजेपी संगठन के विभिन्न स्तरों पर चल रहे कार्यक्रमों और बूथ स्तर की तैयारियों की भी समीक्षा करेगी। बीजेपी प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी के अनुसार, पार्टी लगातार चुनावी मोड में काम करती है। उनके मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता संगठनात्मक गतिविधियों में जुटे रहते हैं।

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दिवाली के बाद तेज हो सकती हैं गतिविधियां

पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिवाली के बाद उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों से जुड़ी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दौरान केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर अभियान और संगठनात्मक समीक्षा को आगे बढ़ाने की योजना बताई जा रही है। सूत्रों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उससे जुड़े संगठनों के सहयोग का भी उल्लेख किया है।

हालांकि, टीम की गतिविधियों और आगे की रणनीति को लेकर पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का यह संगठनात्मक अभियान पार्टी की जमीनी तैयारियों और संभावित उम्मीदवारों के आकलन पर केंद्रित माना जा रहा है।

Location :  Lucknow

Published :  20 October 2026, 1:55 PM IST