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New Delhi: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में टिकटों को लेकर चर्चा तेज है। पार्टी विधायकों के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या खराब रिपोर्ट कार्ड वाले विधायकों के टिकट कटेंगे और क्या इससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है?
पिछले चुनावों में भाजपा ने कई मौजूदा जनप्रतिनिधियों के टिकट बदले थे। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 104 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट नहीं दिया था। वहीं, 2017 के चुनाव में 47 में से 12 विधायकों के टिकट काटे गए थे। अब 2027 के चुनाव को देखते हुए संभावित बदलावों पर नजर है। हालांकि, टिकट कटने को लेकर अभी किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं है। अगर पार्टी बड़े स्तर पर उम्मीदवार बदलती है, तो इसका असर स्थानीय समीकरणों और मौजूदा विधायकों की रणनीति पर पड़ सकता है। यह भी देखना होगा कि टिकट न मिलने की स्थिति में असंतुष्ट नेता क्या रुख अपनाते हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ के स्टूडियो में इस राजनीतिक हलचल पर गहन चर्चा की गई। शो का संचालन स्टूडियो से सुभाष रतूड़ी (एग्जीक्यूटिव एडिटर), कोमल चौहान (राजनीतिक विश्लेषक) ने किया। इस दौरान प्रतापगढ़ से संदीप ओझा, गोरखपुर से शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी,हरदोई से इंद्रेश दीक्षित और हाथरस से धर्मेंद्र सिंह की रिपोर्टिंग के जरिए पूरे घटनाक्रम के सियासी नफे-नुकसान का आंकलन किया गया। आने वाले दिनों में यह दलबदल चुनाव के नतीजों को कितना प्रभावित करेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पूरी चर्चा को आप यहां वीडियो में देख सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 19 October 2026, 6:12 PM IST