अखिलेश की नई सोशल इंजीनियरिंग से मचेगा सियासी घमासान, ब्राह्मण फैक्टर कितना असरदार?

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ ब्राह्मण समाज को जोड़ने की रणनीति तेज कर दी है। जनेश्वर मिश्र की जयंती पर लखनऊ में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के जरिए सपा ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश कर रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 August 2026, 4:00 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने चुनावी समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी ने भी अपनी रणनीति को नया आयाम देने की कोशिश की है। PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ अब ब्राह्मण समाज को जोड़ने की पहल करते हुए पार्टी ने लखनऊ में 'प्रबुद्ध सम्मेलन' आयोजित किया। जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को सपा की नई सोशल इंजीनियरिंग का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

जनेश्वर मिश्र के जरिए ब्राह्मण समाज तक पहुंचने की कोशिश

समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र को पार्टी का प्रमुख ब्राह्मण चेहरा माना जाता था। उन्हें अखिलेश यादव का राजनीतिक गुरु भी कहा जाता है। उनकी जयंती पर आयोजित सम्मेलन के जरिए सपा ब्राह्मण समाज के बीच संवाद बढ़ाने और अपनी स्वीकार्यता मजबूत करने का संदेश देना चाहती है।

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प्रबुद्ध सम्मेलन में संतों और विद्वानों को दिया गया मंच

लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में काशी, अयोध्या और मथुरा से संतों, वैदिक विद्वानों और संस्कृत के जानकारों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार से हुई। सम्मेलन में अखिलेश यादव ने संतों और विद्वानों का सम्मान कर सामाजिक समरसता और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश देने की कोशिश की।

20 हजार लोगों के जुटने का दावा

सपा ने दावा किया कि सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब 20 हजार लोग शामिल हुए। पूर्वांचल, अवध, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड से ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में बुलाया गया। पार्टी का उद्देश्य ब्राह्मण समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करना बताया जा रहा है।

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PDA के साथ नया समीकरण बनाने की कोशिश

पिछले चुनावों में PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की रणनीति को सपा का प्रमुख चुनावी फार्मूला माना गया। अब पार्टी यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उसकी राजनीति किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सभी सामाजिक समूहों को साथ लेकर चलना चाहती है। इसी रणनीति के तहत प्रबुद्ध सम्मेलन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कई नेताओं को दी गई जिम्मेदारी

ब्राह्मण सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। माता प्रसाद पांडेय, सनातन पांडेय, अभिषेक मिश्रा और पवन पांडेय सहित अन्य नेताओं ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जाकर सम्मेलन के लिए माहौल तैयार किया और समाज के लोगों से संपर्क किया।

Location :  Lucknow

Published :  5 August 2026, 4:00 PM IST