नोएडा की वोटर लिस्ट में हजारों डुप्लीकेट नाम का दावा, सपा ने उठाए सवाल; चुनाव आयोग से जांच की मांग

नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रेस वार्ता कर सवाल उठाए हैं। सपा नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी गौतमबुद्ध नगर से शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 3 October 2026, 9:01 PM IST
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Noida News: नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। सेक्टर-22 स्थित सैफरोन बैंक्विट हॉल में सपा नोएडा महानगर संगठन की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों के साथ कुछ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर से इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की।

जून में भी उठाया था मतदाता सूची का मुद्दा

सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता के मुताबिक संगठन ने 3 जून 2026 को भी प्रेस वार्ता कर नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची में करीब 25 हजार डुप्लीकेट और संदिग्ध मतदाताओं से जुड़े दस्तावेज और तथ्य सार्वजनिक किए थे। पार्टी का कहना है कि इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर को शिकायत भी दी गई थी। डॉ. गुप्ता के मुताबिक करीब चार महीने बीतने के बाद भी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई सामने नहीं आई है।

सपा ने नई प्रविष्टियों का दावा किया

डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि मतदाता सूची के दोबारा परीक्षण के दौरान संगठन को करीब 10 से 15 हजार और ऐसी प्रविष्टियां मिली हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच की जरूरत है। सपा का दावा है कि कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम से अलग-अलग EPIC नंबर के साथ एक से अधिक मतदाता प्रविष्टियां दिखाई दे रही हैं। प्रेस वार्ता में उदाहरण के तौर पर हेमंत कीड़ों और प्रदीप कुमार शर्मा कौशल के नाम का उल्लेख किया गया।

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‘वास्तविक मतदाताओं के नाम नहीं कटने चाहिए’

प्रेस वार्ता में सपा नेताओं ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाना नहीं है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची साफ, पारदर्शी और त्रुटिरहित होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष बबलू चौहान और महानगर उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने आरोप लगाया कि पार्टी की ओर से निर्वाचन अधिकारियों को अपने BLA यानी Booth Level Agents की सूची उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद कई ऐसे BLA और स्थानीय मतदाताओं के नाम भी सूची से हटे हुए मिले हैं, जो लंबे समय से संबंधित इलाकों में रह रहे हैं और मतदान करते रहे हैं।

सपा नेताओं ने सेक्टर-63 निवासी कुलभूषण शर्मा, सोरखा निवासी सुभाष वर्मा, सर्फाबाद निवासी सतपाल यादव और मोहम्मद इमरान समेत कुछ लोगों के नामों का उदाहरण दिया। पार्टी ने कहा कि प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच होनी चाहिए।

बूथ स्तर से जांच कराने की मांग

सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि जिन नामों और EPIC नंबरों को लेकर संगठन ने शिकायत की है, उनकी बूथ स्तर से लेकर निर्वाचन अधिकारी स्तर तक जांच होनी चाहिए। पार्टी ने जांच के नतीजे सार्वजनिक करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मतदाता की प्रविष्टि में दोहराव, गलती या दूसरी विसंगति है तो निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत उसका सत्यापन किया जाना चाहिए। वहीं, अगर कोई मतदाता पात्र है और उसके दस्तावेज सही हैं तो उसका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना चाहिए।

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ECI और जिला निर्वाचन अधिकारी से हस्तक्षेप की मांग

सपा नेताओं ने प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। पार्टी का कहना है कि उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए नामों, दस्तावेजों और EPIC नंबरों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। सपा ने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने के बाद संगठन को इसकी जानकारी दी जाए। पार्टी नेताओं के मुताबिक मतदाता सूची में किसी भी तरह की गलती का सीधा संबंध नागरिक के मतदान के अधिकार से है, इसलिए इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है।

Location :  Noida

Published :  3 October 2026, 9:01 PM IST

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