PM Modi 76th Birthday: प्रचारक की झोली से PM की कुर्सी तक, नरेंद्र मोदी के 25 सालों का वो पड़ाव जो हर कोई नहीं जानता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर जानिए संघ प्रचारक से देश के सबसे लोकप्रिय नेता बनने तक का 25 साल का सफर। गुजरात मॉडल, साहसिक फैसले और नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने से लेकर विकसित भारत 2047 के विजन की पूरी कहानी पढ़ें।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 September 2026, 10:04 AM IST

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं और इस खास मौके पर देशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। संघ के एक समर्पित कार्यकर्ता से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे लोकप्रिय नेता बनने का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनके राजनीतिक जीवन की वास्तविक शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से हुई, जब वे 1972 में प्रचारक बने।

अहमदाबाद की गलियों और गुजरात के गांव-गांव में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करते हुए उन्होंने जो अनुभव हासिल किया, उसी ने उनके भावी राजनीतिक जीवन की मजबूत नींव रखी और फिर वे भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बेहद अहम स्तंभ बनकर उभरे।

2001 से 2012: गुजरात मॉडल का जन्म और विकास की नई इबारत

7 अक्टूबर, 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता की कमान संभाली। उनके कार्यभार संभालते ही 2001 के विनाशकारी भूकंप के बाद राज्य को दोबारा खड़ा करने की भारी चुनौती थी। उन्होंने न केवल पुनर्निर्माण का काम तेजी से पूरा कराया, बल्कि बुनियादी ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया।

2003 से 2012 के बीच उन्होंने ज्योतिग्राम योजना, वाइब्रेंट गुजरात समिट, जल संरक्षण और कृषि सुधार जैसी दूरगामी पहलों से राज्य की तस्वीर बदल दी। यह 'गुजरात मॉडल' आगे चलकर उनके राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश का सबसे बड़ा और मजबूत आधार बना।

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2014 से 2024: नई दिल्ली की गद्दी और ऐतिहासिक कड़े फैसले

वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी ने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और देश में विकास के एक नए युग की शुरुआत हुई। अपने पहले और दूसरे कार्यकाल में उन्होंने जन धन योजना, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला और आयुष्मान भारत जैसी गरीब-कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं।

इसके साथ ही, उन्होंने नोटबंदी (2016) और जीएसटी (2017) लागू करने जैसे बेहद कड़े आर्थिक फैसले लिए। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और डिजिटल इंडिया व यूपीआई के जरिए देश को टेक-फ्रेंडली बनाना उनके कार्यकाल के ऐतिहासिक फैसले साबित हुए।

2026 में रचा इतिहास: पंडित नेहरू का रिकॉर्ड किया ध्वस्त

प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक और ऐतिहासक उपलब्धि तब दर्ज हुई जब 10 जून 2026 को उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का निरंतर सेवाकाल का वर्षों पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल के आंकड़ों के अनुसार, निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पीएम मोदी ने निरंतर 4,398 दिनों के कार्यकाल को पार कर लिया, जो नेहरू का 1952 से 1964 तक का कार्यकाल था। यह उपलब्धि उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता, अटूट नेतृत्व क्षमता और जनता के बीच उनके प्रति कायम विश्वास को दर्शाती है।

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2024 से वर्तमान: तीसरी बार कमान और विकसित भारत 2047 का संकल्प

2024 के लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कमान संभाली। वर्तमान में वे प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और आयुष्मान भारत के दायरे को बढ़ाने जैसे जनहितैषी कामों में लगे हैं।

साथ ही अंतरिक्ष, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी रणनीतिक पहलों पर काम हो रहा है। उनका मुख्य लक्ष्य 'विकसित भारत 2047' के विज़न को साकार करना है, ताकि भारत को विश्व की शीर्ष आर्थिक शक्तियों में स्थापित किया जा सके।

Location :  New Delhi

Published :  17 September 2026, 10:04 AM IST