
रामलीला मैदान से सियासी महाभारत (IMG: Dynamite News)
New Delhi: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्षी दलों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हजारों समर्थकों की भीड़, विपक्षी नेताओं के तीखे तेवर और चुनावी प्रक्रिया पर उठते सवालों के बीच आयोजित इस रैली ने राजधानी की राजनीति में हलचल मचा दी। कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस तक के बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जाहिर की।
रैली से पहले विपक्षी दलों के नेताओं का जमावड़ा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुआ। यहां से विपक्षी नेताओं का काफिला रामलीला मैदान के लिए रवाना हुआ। इस काफिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी समेत कई प्रमुख नेता शामिल रहे। विपक्षी नेताओं का काफिला मिंटो रोड होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। यहां पहले से ही अलग-अलग राज्यों से आए समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
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इस रैली को विपक्षी गठबंधन के बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा था। बताया जा रहा है कि विपक्ष ने रामलीला मैदान में करीब 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया था। हालांकि, भीड़ को लेकर विपक्ष और पुलिस के दावों में अंतर देखने को मिला। विपक्षी दलों ने रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया, जबकि दिल्ली पुलिस के अनुमान के मुताबिक रामलीला मैदान में करीब 45 हजार से 50 हजार लोग पहुंचे। मैदान और उसके आसपास के इलाकों में भी समर्थकों की मौजूदगी रही।
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। रामलीला मैदान को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से 14 अलग-अलग जोन में बांटा गया था। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। मैदान में प्रवेश और निकास की व्यवस्था के साथ सुरक्षा संबंधी तैयारियां की गई थीं। अलग-अलग राज्यों से आए समर्थकों के जुटाव को देखते हुए पुलिस की ओर से विशेष निगरानी रखी गई।
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SIR के खिलाफ विपक्षी दलों की यह रैली अचानक नहीं हुई है। पिछले 25 दिनों के भीतर विपक्षी दल इस मुद्दे पर सातवीं बार एकजुट हुए हैं। इससे पहले 6 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच अलग-अलग मौकों पर छह बार प्रदर्शन किए जा चुके हैं। लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से साफ है कि विपक्ष ने SIR को अपने राजनीतिक और चुनावी एजेंडे का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
इस रैली में विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भी रैली में शामिल हुए।
Location : New Delhi
Published : 1 November 2026, 5:44 PM IST